मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है. आखिर C-130 हरकुलस और ब्लैक हॉक्स हेलिकॉप्टर्स को किसने तबाह किया? ईरान और अमेरिका दोनों के अलग-अलग दावों ने इस घटना को रहस्य बना दिया है. ईरान का दावा है कि उसने इस्फहान इलाके में अमेरिकी सैन्य मिशन के दौरान दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और एक C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को मार गिराया.
ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, ये सभी विमान एक रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा थे. इसी ऑपरेशन के तहत अमेरिका का दावा है कि उसने अपने पायलट को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है. ईरान के सरकारी मीडिया ने इस घटना के कुछ वीडियो और तस्वीरें भी जारी की हैं, जिनमें जले हुए मलबे और रेगिस्तान में उठता धुआं दिखाई दे रहा है. IRGC का कहना है कि "जॉइंट ऑपरेशन के दौरान दुश्मन के कई उड़ने वाले ऑब्जेक्ट्स को नष्ट कर दिया गया."
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इनके अलावा ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें US एयरक्राफ्ट का मलबा दिखाया गया है. इससे पहले, फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया था कि एक लापता अमेरिकी एयरमैन का पता लगाने के मिशन में तैनात US C-130 क्लास के एयरक्राफ्ट को पुलिस कमांडो यूनिट ने नष्ट कर दिया था.
अमेरिका का दावा- विमानों को किया गया ध्वस्त
दूसरी तरफ, अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट इस कहानी को पूरी तरह पलट देती है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये विमान ईरान की गोलीबारी से नहीं गिरे, बल्कि अमेरिका ने खुद इन्हें नष्ट किया. बताया जा रहा है कि जब अमेरिकी कमांडो टीम अपने लापता पायलट को बचाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी, तब दो ट्रांसपोर्ट विमान एक दूरदराज के बेस पर फंस गए. ऐसे में कमांडरों ने फैसला लिया कि इन्हें दुश्मन के हाथ लगने देने से बेहतर है कि खुद ही उड़ा दिया जाए.
रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद तीन नए विमान भेजे गए और सभी अमेरिकी सैनिकों और पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया. यानी, यह पूरी कार्रवाई एक रणनीतिक कदम हो सकती है, ताकि संवेदनशील सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लगे. यह घटना तब हुई जब हाल ही में ईरान ने F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया था. इसी विमान के एक क्रू मेंबर को बचाने के लिए यह हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाया गया था.
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ट्रंप ने क्रू मेंबर का रेस्क्यू किया कंफर्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रेस्क्यू मिशन को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा, "हमने उसे ढूंढ निकाला! पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने इतिहास के सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन में से एक को अंजाम दिया… और वह अब पूरी तरह सुरक्षित है."
हालांकि, अमेरिका के सेंट्रल कमांड की तरफ से अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि विमान कैसे तबाह हुए. यही वजह है कि इस पूरे मामले पर सस्पेंस बना हुआ है. एक तरफ ईरान इसे अपनी बड़ी सैन्य कामयाबी बता रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी पक्ष इसे रणनीतिक फैसला मान रहा है.
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