क्या फिर भड़केगी अमेरिका-ईरान की जंग? इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल

इस्लामाबाद में 21 घंटे चली अमेरिका-ईरान वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई. इससे दो हफ्ते के सीज़फायर पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या जंग फिर शुरू होगी या कूटनीति कोई रास्ता निकालेगी. ट्रंप और वेंस के बयानों ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है.

Advertisement
इस्लामाबाद वार्ता में जेडी वेंस अमेरिकी की अगुवाई कर रहे थे. (Photo- ITG) इस्लामाबाद वार्ता में जेडी वेंस अमेरिकी की अगुवाई कर रहे थे. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जंग फिर शुरू होने वाली है? 21 घंटे तक चली मैराथन वार्ता के बावजूद दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके. इस नाकामी ने न सिर्फ शांति प्रक्रिया को झटका दिया है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में फिर से तनाव बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया है.

Advertisement

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ शब्दों में कहा कि बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. उन्होंने कहा, "हमने 21 घंटे तक गंभीर चर्चा की, लेकिन हम किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके." उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने "फाइनल और बेस्ट ऑफर" दिया है और अब फैसला ईरान को करना है.

यह भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान में क्यों नहीं बनी बात, 21 घंटे की वार्ता में क्या हुआ, अब आगे क्या होगा?

जेडी वेंस के बयान के बाद यह साफ हो गया कि दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी गहरे हैं. खासकर परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुद्दों पर कोई सहमति नहीं बन पाई है. यहां तक कि जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में होर्मुज स्ट्रेट की चर्चा भी नहीं की. ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे कि यूरेनियम संवर्धन को छोड़ने को तैयार नहीं है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहा है.

Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का क्या कहना है?

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख भी काफी सख्त और विरोधाभासी नजर आया. उन्होंने कहा, "चाहे डील हो या न हो, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. हम पहले ही जीत चुके हैं." ट्रंप के इस बयान ने यह संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल दबाव की रणनीति जारी रखना चाहता है, बजाय इसके कि वह किसी समझौते के लिए झुके. हालांकि, यही बात स्थिति को और खतरनाक बनाती है. क्योंकि अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ती, तो दो हफ्ते का सीज़फायर भी टूट सकता है. और अगर ऐसा होता है, तो जंग फिर से शुरू होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.

नेतन्याहू ने कहा, "ईरान ऑपरेशन खत्म नहीं हुआ"

इजरायल की तरफ से भी संकेत सकारात्मक नहीं हैं. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान एक वीडियो संदेश में साफ कहा कि "यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. हम अभी भी लड़ रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास अभी भी संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिसे खत्म करना जरूरी है, चाहे समझौते से या फिर दूसरे तरीकों से. इसका मतलब साफ है कि अगर कूटनीति विफल रहती है, तो सैन्य विकल्प अभी भी मेज पर है.

होर्मुज स्ट्रेट पर छिड़ी 'जंग'

इस पूरे संकट का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है होर्मुज स्ट्रेट. यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. ईरान ने साफ संकेत दिया है कि जब तक उसकी शर्तें नहीं मानी जातीं, तब तक इस रास्ते को पूरी तरह खोलने का सवाल ही नहीं उठता. अगर यह मार्ग बंद रहता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित रहेगी और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा. यही वजह है कि इस बातचीत का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इस पर नजर रखे हुए है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Iran-America Islamabad Talks LIVE: इस्लामाबाद में बातचीत फेल होने के बाद अमेरिका रवाना हुई जेडी वेंस की टीम

बातचीत के दौरान यह भी खहरें सामने आई कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा बिछाए गए माइन्स को हटाने का काम कर रहा है. इसके लिए बताया जा रहा है कि दो डिस्ट्रॉयर को तैनात किया गया है और दावा है कि इन दोनों होर्मुज स्ट्रेट पार भी किया है. हालांकि, ईरान की तरफ से कहा गया है कि ईरान की चेतावनी के बाद अमेरिकी डिस्ट्रॉयर लौट गए. इनके अलावा चेतावनी दी है कि अगर ऐसी कोशिश की जाती है तो ईरान हमले करेगा.

अमेरिका-ईरान क्या फिर छिड़ेगी जंग

स्थिति फिलहाल पूरी तरह अनिश्चित है. एक तरफ अमेरिका "फाइनल ऑफर" की बात कर रहा है, दूसरी तरफ ईरान "अपने अधिकारों" से पीछे हटने को तैयार नहीं है. ऐसे में या तो ईरान अमेरिकी प्रस्ताव मान ले, या फिर दोनों देश नए सिरे से बातचीत शुरू करें. लेकिन अगर दोनों में से कोई भी नहीं होता, तो सबसे बड़ा खतरा यही है कि जंग फिर से शुरू हो सकती है. फिलहाल, पूरी दुनिया इसी इंतजार में है कि क्या आने वाले दिनों में शांति की राह निकलेगी, या फिर मध्य पूर्व एक और बड़े युद्ध की तरफ बढ़ेगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement