रूस ने ईरानी लीडर अली लारिजानी की मौत को साफ-साफ अमेरिका और इजरायल की ओर से अंजाम दिया गया मर्डर करार दिया है. रूस ने इस एक्शन की तीखी भर्त्सना की है. रूस के राष्ट्रपति पुतिन के ऑफिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ईरान जैसे संप्रभु राष्ट्र के साथ ऐसी गैरकानूनी गतिविधियां स्वीकार्य नहीं है. रूस ने कहा कि ईरान के नेता की सेहत को नुकसान पहुंचाने, उन्हें मारने या पूरी तरह से खत्म करने के किसी भी कदम की वे निंदा करते हैं.
रूस ने ईरान जंग पर संभलकर प्रतिक्रिया दी है. रूस ने कहा है कि ये ऐसे हमले हैं जो पूर्वनियोजित हैं और बिना उकसावे के सशस्त्र आक्रमण हैं.
यह एक संप्रभु राष्ट्र पर हमला है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, रूस ने इसे रिजीम तेंज की कोशिश बताया और अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है.
रूस ने बार-बार इजरायल और अमेरिका से हमले रोकने और बातचीत की मेज पर आने की अपील की है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि रूस मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए कदम उठाएगा और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देगा.
राष्ट्रपति पुतिन ने खामेनेई की हत्या को "सिनिकल मर्डर" (cynical murder) कहा और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को संवेदना व्यक्त की. उन्होंने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति का स्वागत किया और ईरान को 'अटूट समर्थन' का आश्वासन दिया. पुतिन ने खाड़ी देशों के नेताओं से फोन पर बात की और खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश किया.
अब क्रेमलिन ने कहा है कि, "हम संप्रभु और स्वतंत्र ईरान के साथ-साथ अन्य देशों के नेतृत्व से जुड़े सदस्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने, या वास्तव में उनकी हत्या करने अथवा उन्हें खत्म करने के उद्देश्य से की गई किसी भी कार्रवाई की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं. हम ऐसी कार्रवाइयों की भर्त्सना करते हैं." क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने ये बयान तब दिया जब उनसे लारिजानी की मौत पर रूस की प्रतिक्रिया पूछी गई थी.
ईरान का दावा- इजरायल में ठिकानों पर हमले
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने अली लारिजानी की मौत का बदला लेने के लिए तेल अवीव शहर में 100 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया है.
बुधवार को जारी एक बयान में IRGC ने घोषणा की कि उसने इस आक्रामकता के जवाब में अपने चल रहे जवाबी ऑपरेशन 'ट्रू प्रॉमिस 4' की 61वीं वेव्स के दौरान इन ठिकानों को निशाना बनाया.
बयान में कहा गया है कि इन दुश्मन ठिकानों को निशाना बनाने के लिए मल्टी-वॉरहेड वाली खुर्रमशहर-4 और कदर मिसाइलों के साथ-साथ इमाद और खैबर शिकन प्रोजेक्टाइल्स का इस्तेमाल किया गया.
ईरान ने आगे कहा है कि इन जोरदार और तेज हमलों के दौरान, खुर्रमशहर-4 और कद्र मिसाइलों ने कब्जे वाले इलाकों के बीचों-बीच 100 से ज़्यादा सैन्य और सुरक्षा ठिकानों को बिना किसी रुकावट के सफलतापूर्वक निशाना बनाया.
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