'JCB से खोदनी पड़ीं कब्रें, मस्जिद भी तोड़ी...', PAK हमले से बिलखते अफगानों की कहानी

अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका में सिर्फ आंसू और धूल-मिट्टी ही बचा है. पाकिस्तान के हमले में यहां कई परिवार बिखर गए हैं. स्थिति ऐसी है कि मृतकों को दफनाने के लिए जेसीबी से कब्रों की खुदाई करनी पड़ी. पाकिस्तान का दावा है कि उसने आतंकियों के ठिकाने पर हमला किया है.

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अफगानिस्तान के नंगरहार में PAK हमले के मलबे की सफाई.  (Photo: Reuters) अफगानिस्तान के नंगरहार में PAK हमले के मलबे की सफाई. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:16 PM IST

"...मेरे बेटे ने आवाज़ लगाई कि उसे चोट लगी है. जब मैं उसकी तरफ़ गया, तो उस पर भी एक दीवार गिर गई थी. उसने कहा, ‘अब्बा, मुझे मत छुओ, मेरा पूरा शरीर फट गया है.’ मुझे नहीं पता कि उसके बाद क्या हुआ, क्योंकि उन्होंने मुझसे सबको छीन लिया."

ये बयान नजाकत खान का है. अफगानिस्तान के नंगरहार के रहने वाले नजाकत खान वो शख्स हैं जो पाकिस्तान के हमले में किसी तरह बच गए हैं. लेकिन उनका बचना दर्द की एक अंतहीन कहानी है, क्योंकि उनका परिवार तहस-नहस और बिखर चुका है. 

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नंगरहार और पकतीका सीमाई अफगान के वो इलाके हैं जहां पाकिस्तान ने हमले किए हैं. पाकिस्तान की मानें तो इस हमले में 80 लोग मारे जा चुके हैं, पाकिस्तान इन्हें आतंकी कहता है तो अफगानिस्तान बेगुनाह इंसान.

मेरी खाला हमारी मेहमान थीं, मलबा उन पर गिर गया 

नजाकत ने बताया कि आधी रात के आस-पास हमने एक धमाके की आवाज सुनी और धुआं उठते देखा. पूरा अंधेरा था, और कमरे के अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. मेरी खाला हमारी मेहमान थीं, मलबा उन पर गिर गया था. पाकिस्तान के हमले से पीड़ित इनकी मजबूरी की कहानी टोलो न्यूज ने रिपोर्ट की है.

एक लोकल अनवर खान ने कहा, “पांच लोगों की लाशें अभी तक नहीं मिली हैं. शहीदों में से एक गरीब और मेहनती आदमी था, और उसके साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ. वह हमारा पड़ोसी था और खेती करके अपना गुजारा करता था.”

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नंगरहार में पाकिस्तान के हमले के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन (Photo: Reuters)

 

एक और पड़ोसी अब्दुल वाहिद ने कहा, “धमाके के बाद, गांव वालों ने एक-दूसरे से कॉन्टैक्ट किया. कुछ मिनट बाद, हमले की जगह साफ़ हो गई. घर पूरी तरह से तबाह हो गया था."

 घर जमींदोज, मलबे में दबे  माल-असबाब 

गरीबी से त्रस्त अफगानिस्तान के इस इलाके की कहानी बहुत की दारुण है. पाकिस्तान के हमले में मिट्टी के घर जमींदोज हो चुके हैं. इसी मलबे में इंसान भी दबे हैं और अफगानियों के माल असबाब भी. 

जेसीबी से खोदी गईं कब्रें

गरीबी ने इनकी संवेदनाओं को खत्म कर दिया है. लाशें इतनी ज्यादा है कि इनकी कब्र खोदने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल किया गया है. लोग पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से से उबल रहे हैं लेकिन सामने कुछ नहीं कर सकते. 

पाकिस्तान की सेना ने शनिवार रात अफगानिस्तान बॉर्डर पर हमलों में कम से कम 80 लोगों को मार गिराया. पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले आतंकवादियों के ठिकाने मारे गए, जिन पर देश के अंदर हाल के हमलों का आरोप है. काबुल ने इस दावे को खारिज कर दिया. 

अफगानिस्तान वाले इस हमले से उबर ही रहे थे कि रविवार रात को अफगानिस्तान में पाकिस्तान पर फिर से हमला किया गया. पाकिस्तान की मिलिट्री ने पक्तिका प्रांत के आर्गन जिले में एक रिहायशी घर पर बमबारी की और बरमल जिले में एक मस्जिद और एक मदरसे को भी निशाना बनाया.

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खाली घर था, अंदर कोई नहीं

इस बार अफगानिस्तान ने पक्तिका में हमला किया था. पक्तिका में जिस परिवार के घर पर बमबारी हुई, उसके एक सदस्य अब्दुल्ला जान ने कहा, “कल रात आधी रात को, एयरक्राफ्ट आया और इस जगह पर बमबारी की. घर खाली था, और अंदर कोई नहीं था. TTP या दूसरे लोगों की मौजूदगी के बहाने, भले ही वहां कोई नहीं था, उन्होंने हमारे घर को तबाह कर दिया. हमें लगभग 5 से 6 मिलियन अफगानी का नुकसान हुआ है.”

आर्गन के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर मिर्जा अली खान सईद ने कहा, “घर पर पहली बार आधी रात को और फिर सुबह 2 बजे बमबारी की गई. कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन यह पूरी तरह से तबाह हो गया. बरमल डिस्ट्रिक्ट में, एक मदरसे को भी निशाना बनाया गया.”

नाकामी छिपाता है पाकिस्तान

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में कोई मिलिट्री बेस या मूवमेंट नहीं था और पाकिस्तान अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अलग-अलग बहानों से बार-बार अफगानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन करता है, रिहायशी इलाकों को निशाना बनाता है.

एक चश्मदीद मोहम्मद ज़ुबैर ने कहा, "हालात बहुत खराब थे; औरतें और बच्चे डरे हुए थे. हवा में धूल और धुआं भरा हुआ था, और हर तरफ तेज़ बदबू थी. आस-पास के घरों में रहने वालों ने हमें सुरक्षित जगह पर ले जाने में मदद की."

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नसीम गुल नाम के एक शख्स ने कहा, "यह हमला एक बेरहम और क्रूर काम था. हम इस्लामिक अमीरात से ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए जवाब देने को कहते हैं, क्योंकि ऐसे हमले कई बार हो चुके हैं."

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन करके रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया है. करीब पांच महीने पहले पक्तिका प्रांत के आर्गन जिले में एक रिहायशी घर पर हवाई हमला हुआ था, जिसमें 11 आम लोग मारे गए थे और 12 दूसरे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस हमले में मरने वालों में आठ क्रिकेट खिलाड़ी भी थे. 
 

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