पाकिस्तान के 55 सैनिकों को मारने के बाद अफगानिस्तान ने अब उसके शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि आज सुबह करीब 11 बजे इस्लामाबाद में अफगान एयरफोर्स ने एयर स्ट्राइक की है. अफ़गानिस्तान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि नेशनल मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस से जुड़ी एयर फ़ोर्स ने दिन के उजाले में इस हमले को अंजाम दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार अफगानी एयरफोर्स ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फ़ैज़ाबाद शहर के पास एक मिलिट्री कैंप पर हमला किया है. साथ ही साथ ही खैबर पख्तूनख्वा के नौशेरा में एक आर्मी बैरक और जमरूद में एक मिलिट्री साइट को निशाना बनाया है. इसके अलावा एबटाबाद में भी अफगानिस्तान की वायुसेना ने हमले किए हैं.
ये स्ट्राइक सुबह 11:00 बजे इस्लामाबाद में फैजाबाद के पास एक मिलिट्री कैंप, नौशेरा कैंट, जमरूद मिलिट्री कॉलोनी और एबटाबाद को टारगेट करके किए गए. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑपरेशन में खास मिलिट्री बेस, कमांड सेंटर और स्ट्रेटेजिक जगहों पर हमला किया गया, और इसे पिछली रात काबुल, कंधार और पक्तिया में कथित पाकिस्तानी हवाई घुसपैठ का सफल जवाब बताया.
मिनिस्ट्री के मुताबिक, ऑपरेशन में खास मिलिट्री साइट्स, सेंटर्स और फैसिलिटीज़ को कामयाबी से निशाना बनाया गया. ये स्ट्राइक कल रात काबुल, कंधार और पक्तिया में किए गए पाकिस्तानी मिलिट्री एयर रेड्स के जवाब में किए गए.
इस हमले में ड्रोन का इस्तेमाल भी किया गया है. हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
ड्रोन से अफगानिस्तान ने पाक पर किए हमले
वहीं एक अन्य हमले की जानकारी देते हुए अफगानिस्तान बॉर्डर फ़ोर्स के प्रवक्ता ने कहा है कि अफगान सेना ने पाकिस्तानी मिलिट्री सेंटर्स पर ड्रोन से हमले किए हैं.
अफ़गान डिफ़ेंस मिनिस्ट्री का दावा है कि पाकिस्तानी मिलिट्री सेंटर्स पर ड्रोन से हमले हुए. नेशनल डिफ़ेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि अफ़गान डिफ़ेंस फ़ोर्स ने कल देर रात देश में बने ड्रोन का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी मिलिट्री शासन से जुड़े खास सेंटर्स को टारगेट किया.
मिनिस्ट्री ने दावा किया कि टारगेट किए गए सेंटर्स में 'आग लग गई' और ऑपरेशन सफल रहा. मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई देश की रक्षा के लिए की गई थी.
अफगानी कमांडर ने सुनाया जंग का आंखों देखा हाल
इस बीच डंगम जिले से एक अफगानी कमांडर ने जंग का आंखों देखा हाल अपने हेडक्वार्टर को सुनाया है.
"खैबर साहिब, लेटेस्ट जानकारी भी आ गई है. डंगम ज़िले के बंशी इलाके में भारी लड़ाई शुरू हो गई है. और वहां पाकिस्तानी मिलिशिया पीछे हट गई हैं. एक और रिपोर्ट आई है कि नवपास में जिस पोस्ट पर मुजाहिदीन ने कब्ज़ा किया था, वहां से दो पाकिस्तानी सैनिकों की लाशें बची हैं, जबकि बाकी भाग गए. दोनों लाशें अब मुजाहिदीन के कब्ज़े में हैं. और उन्हें अपने साथ ले आए हैं. हमारे कुछ मुजाहिदीन अभी भी उस इलाके में हैं."
जंग का ये आंखों देखा हाल एक अफगानी कमांडर अपने सीनियर को भेज रहा है. ये पूरी जानकारी RTA अफगानिस्तान ने जारी की है. RTA पश्तो भाषा का अफगानी टीवी चैनल है. इस चैनल ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान से जुड़े कई वीडियो जारी किए हैं.
हथियार बांटते दिखे अफगानी सैनिक
RTA अफगानिस्तान के एक दूसरे वीडियो में अफगानी मुजाहिद्दीनों को जंग में कब्जा किए गए हथियारों को बांटते देखा जा सकता है. माना जा रहा है कि अफगानियों ने डूरंड लाइन पर पाकिस्तानियों की कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है. इस दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में हथियार जब्त कर लिए हैं. इस वीडियो में अफगानी लड़ाके इन हथियारों को बांटते दिख रहे हैं.
अफगानिस्तान के न्यूज चैनल टोलो न्यूज के अनुसार इस ऑपरेशन में पाकिस्तान की मिलिट्री सरकार के 55 सैनिक मारे गए. अफ़गान सेना ने कुछ लाशें और सैकड़ों हल्के और भारी हथियार भी ज़ब्त किए, और कई सैनिकों को ज़िंदा पकड़ लिया।
इसमें यह भी कहा गया कि ऑपरेशन के दौरान, अफ़गान सेना ने मिलिट्री सरकार के दो हेडक्वार्टर और 19 चेक पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया.
बयान में बताया गया कि ऑपरेशन में आठ अफ़गान सैनिक शहीद हो गए और 11 दूसरे घायल हो गए.
इसमें यह भी कहा गया कि तोरखम में लौटने वालों के लिए एक टेम्पररी कैंप पर मिलिट्री सरकार के एयरस्ट्राइक में महिलाओं और बच्चों समेत 13 लोग घायल हो गए. मंत्रालय ने कहा कि ये ऑपरेशन अफ़गान इलाके पर पाकिस्तान की मिलिट्री सरकार के हालिया एयरस्ट्राइक के जवाब में किए गए थे.
प्रणय उपाध्याय / अरविंद ओझा