कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री फिरहाद हकीम ने शुक्रवार को मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है.
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि अब वे पहले की तरह काम नहीं कर पा रहे हैं. इसी कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है, अन्यथा यह उनके पद का अपमान होता. उन्होंने कहा कि जो भी उनकी जगह जिम्मेदारी संभालेंगे, उन्हें उनकी शुभकामनाएं हैं.
फिरहाद हकीम ने आगे कहा कि नई सरकार और मुख्यमंत्री से उनका निवेदन है कि कृपया जनता की अपेक्षाओं को पूरा करें. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने ममता बनर्जी से इस्तीफा देने का अनुरोध किया था और इसे ममता ने मंजूरी दे दी थी. बता दें, फिरहाद हकीम टीएमसी के वरिष्ठ नेता हैं.
फिरहाद हकीम नवंबर 2018 से कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर थे. वह स्वतंत्रता के बाद शहर के पहले मुस्लिम मेयर बने थे.
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CID ने की पूछताछ
पश्चिम बंगाल सीआईडी ने विधायकों के कथित जाली हस्ताक्षरों से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में गुरुवार को कोलकाता के मेयर और टीएमसी विधायक फिरहाद हकीम से पूछताछ की थी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जांच में शामिल एक सीआईडी अधिकारी ने कहा, 'हम उन परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं जिनके तहत प्रस्ताव और हस्ताक्षर तैयार किए गए थे और यह भी कि क्या सभी संबंधित विधायक शारीरिक रूप से उपस्थित थे.'
अधिकारी ने कहा, उनका बयान यह समझने के लिए अहम है कि बैठक में कौन-कौन मौजूद था और उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कैसे किए गए जहां कथित तौर पर कई विधायक अनुपस्थित थे. सीआईडी ने इस मामले के संबंध में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी समन जारी किया था.
इंद्रजीत कुंडू