पश्चिम बंगाल: दक्षिण 24 परगना में 2 गोदामों में लगी भीषण आग, 8 लोगों की मौत, कई लापता

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में दो गोदामों में भीषण आग से आठ लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं. सात घंटे बाद आग पर काबू पाया गया. मलबा हटने पर मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है.

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दो गोदामों में आग लगने से तबाही (Representative Image/File) दो गोदामों में आग लगने से तबाही (Representative Image/File)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में दो पास-पास की गोदामों में आग लगने से करीब आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लापता हो गए. एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि कोलकाता के बाहरी इलाके में, नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन की सीमा के अंदर नजीराबाद इलाके में दो यूनिटों में लगी आग पर सात घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया.

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एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि पास के गोदामों में तलाशी अभियान के दौरान शाम करीब 5 बजे तीन बुरी तरह जले हुए शव बरामद किए गए, जबकि बाद में पांच और शव मिले.

बारुईपुर पुलिस जिले के SP शुभेंदु कुमार ने कहा कि आठ मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है क्योंकि शव बुरी तरह जल गए थे. उन्होंने कहा, "आग में और लोग फंसे थे या नहीं, यह तभी पता चलेगा जब मलबा पूरी तरह हटा दिया जाएगा और फायर ब्रिगेड आग की सभी जगहों को पूरी तरह बुझा देगी."

रेस्क्यू ऑपरेशन की क्या स्थिति?

पुलिस ने बताया कि शुरुआत में, छह लोगों के लापता होने की खबर थी, लेकिन फंसे हुए लोगों के परिवारों ने कहा कि यह संख्या 10 से ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि दोनों गोदामों में एक डेकोरेशन फर्म और एक मशहूर मोमो चेन के मज़दूर रहते थे.

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फायर सर्विस मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और टीमें जली हुई इमारतों की अलग-अलग मंजिलों पर लगी आग की बची हुई जगहों को बुझाने का काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि मौके पर हाई मास्ट लैंप लगाए गए हैं.

दो यूनिटों के मैनेजमेंट द्वारा फॉलो किए गए फायर सेफ्टी नियमों के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हालांकि फायर ऑडिट साल में दो बार किया जाता है और हर कमी को दूर किया जाता है, लेकिन यह मालिकों और कंपनी के अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि फायर सेफ्टी SOPs का पूरी तरह से पालन किया जाए."

सोमवार को पूरे दिन आपदा स्थल पर न जाने के बारे में पूछे जाने पर बसु ने कहा, "मैं सुबह से ही स्थिति पर नज़र रख रहा था. इसके साथ ही, मुझे लगता है कि उस जगह पर हमारा जाना सिर्फ दिखाने के लिए नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि ऑपरेशन पूरी भावना से जारी रहे."

बोस ने गोवा में हाल ही में आग लगने की घटना का ज़िक्र किया और ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाएं दूसरे राज्यों में भी होती हैं.

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बीजेपी विधायक अशोक डिंडा, जो देर शाम मौके पर पहुंचे. उन्होंने पत्रकारों को बताया कि कई पीड़ित पूर्वी मेदिनीपुर जिले के मोइना इलाके के थे. डिंडा ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि डेकोरेटिंग फर्म के कई मजदूर गोदामों के अंदर बने अस्थायी शेल्टर में रहते थे और उनमें से चार आग फैलने से ठीक पहले बाहर निकलने में कामयाब रहे. उन्होंने कहा कि कई अन्य लोग भी फंसे हो सकते हैं क्योंकि आधी रात को मुख्य गेट बंद था.

इससे पहले दिन में मौके पर हाजिरी देने वाले बिजली मंत्री अरूप बिस्वास ने पत्रकारों से कहा कि घना धुआं छंटने के बाद ही यह वेरिफाई किया जा सकता है कि कोई अंदर फंसा था या नहीं. उन्होंने कहा, "धुआं निकालने के लिए दीवारों को तोड़ने के लिए कोलकाता नगर निगम की डिमोलिशन टीम को बुलाया गया था."

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मामले पर सियासत शुरू...

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने TMC सरकार पर "इतनी बड़ी आग के दौरान आपदा प्रबंधन में असंवेदनशीलता और कम तालमेल" दिखाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, "मंत्री और सीनियर सरकारी और पुलिस अधिकारी गणतंत्र दिवस की छुट्टी का आनंद ले रहे हैं और गरीबों की कोई चिंता नहीं है. यह सरकार जितनी जल्दी जाएगी, उतना ही अच्छा होगा."

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अधिकारी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बिस्वास ने कहा, "यह मानवीय त्रासदी पर राजनीति करने का समय नहीं है." 

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