कोलकाता के बेहाला इलाके में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प हो गई। साखेर बाजार क्षेत्र में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बीजेपी ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने तेज आवाज में संगीत बजाकर उनकी बैठक में बाधा डाली और बैठक स्थल पर अपने झंडे लगा दिए. इसके बाद बीजेपी समर्थकों पर टीएमसी नेता सुदीप पोली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा.
जवाबी कार्रवाई में टीएमसी समर्थकों ने एक अस्थायी स्टेज जहां से त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने दिन में पहले एक जनसभा को संबोधित किया था, उसमें कथित तौर पर आग लगा दी. आग पर काबू पाने के लिए एक फायर टेंडर भेजा गया. बेहाला पूर्वी सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली तृणमूल विधायक रत्ना चटर्जी ने आरोप लगाया कि बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान BJP समर्थकों ने क्लब के सदस्यों से झगड़ा किया. घटनास्थल का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा, 'वे जितनी ज्यादा ऐसी चालें चलेंगे, तृणमूल कांग्रेस अपना रुख उतना ही कड़ा करेगी.'
स्थानीय बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बिप्लब कुमार देब की रैली के लिए इस्तेमाल किए गए स्टेज में आग लगा दी, जो बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भगवा पार्टी की 'परिवर्तन संकल्प यात्रा' का हिस्सा थी. पुलिस मौके पर है, और इलाके में तनाव बना हुआ है. अधिकारियों ने बीजेपी और तृणमूल समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
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भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने घटना पर प्रक्रिया देते हुए 'X' पोस्ट में लिखा, 'आसन्न हार के डर से तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने एक बार फिर कोलकाता की सड़कों पर राजनीतिक आतंक मचा दिया है. भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब द्वारा बेहाला पश्चिम में आयोजित परिवर्तन संकल्प सभा को संबोधित करने के कुछ ही देर बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने सभा स्थल पर धावा बोल दिया, जमकर तोड़फोड़ की और उनके जाने के बाद व्यस्त बाजार के बीच सभा मंच को आग के हवाले कर दिया.'
उन्होंने आगे कहा, 'यह चौंकाने वाली घटना आज शाम दक्षिण कोलकाता के बेहाला स्थित अहम डायमंड हार्बर रोड पर हुई. यह राजनीति नहीं है, यह संगठित हिंसा है. यह शासन नहीं, बल्कि भय का माहौल पैदा करने की कोशिश है. तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को आतंक के रंगमंच में बदल दिया है. ममता बनर्जी के गुंडे सत्ता से चिपके रहने की हताश कोशिश में लोकतंत्र को जलाने पर उतारू हैं. तृणमूल कांग्रेस विशुद्ध रूप से बुराई का प्रतीक बन चुकी है.'
बौरहाट-II के BDO सस्पेंड
इधर निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में सख्त कार्रवाई करते हुए बौरहाट-II के AERO और BDO, समित्रा प्रतिम प्रधान को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. आयोग ने कहा कि चल रही चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की जरूरत को देखते हुए यह र्कारवाई की गई है और प्रधान को चुनावी रोल रिवीजन से जुड़े काम से भी हटा दिया गया है. हालांकि उन पर क्या आरोप थे और कितने दिनों के लिए सस्पेंड किया गया है, इस बारे में निर्वाचन आयोग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं सामने आई है.
अनुपम मिश्रा