शुभेंदु के PA हत्याकांड केस में नया मोड़, राज सिंह रिहा, गलत पहचान से हुई थी गिरफ्तारी

शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड केस में नया मोड़ आया है. जानकारी के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार राज सिंह को पुलिस ने गलत पहचान में गिरफ्तार किया था, अब उसे छोड़ दिया गया है.

Advertisement
 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था. (Photo: PTI) 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:37 AM IST

बंगाल पुलिस सूत्रों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड को लेकर गलत पहचान का मामला सामने आया है. अब फेसबुक रील बनाने वाले व्यक्ति को रिहा कर दिया गया है, क्योंकि उसका अपराध से कोई संबंध नहीं माना जा रहा. जानकारी के मुताबिक यह गलती यूपी पुलिस से हुई. हालांकि इस मामले में असली आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

Advertisement

बता दें, 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था. वहीं, इससे पहले कोलकाता पुलिस ने बक्सर से दो अन्य आरोपी विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार किया. इन दोनों से पूछताछ के बाद ही राज सिंह को अरेस्ट किया गया था.

बलिया के रसड़ा निवासी राज को सीबीआई ने मुजफ्फरनगर के छपार टोल से अरेस्ट किया था. सीबीआई ने पूछताछ के बाद पहले गिरफ्तार हुए राज को गलत पहचान का मामला बताते हुए रिहा कर दिया. बाद में असली आरोपी राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुए राज सिंह का एक वीडियो सामने आया था. फेसबुक पेज पर राज सिंह ने वीडियो जारी कर धमकाते हुए कहा था, हर सवाल का जवाब दिया जाएगा. 21 सेकंड के वीडियो में राज सिंह ने कहा, जय श्रीराम बहुत जल्द ही सबको जवाब दिया जाएगा, कृपया थोड़ा धैर्य बनाकर रखें. जवाब देने आ रहे हैं कुछ दिन का इंतजार कीजिए.

Advertisement

6 मई को हुई थी हत्या

6 मई की रात पश्चिम बंगाल के मध्यामग्राम इलाके में यह सनसनीखेज वारदात हुई थी, जब चंद्रनाथ रथ पर घात लगाकर हमला किया गया. जानकारी के मुताबिक, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक कार ने उनकी गाड़ी को रास्ते में रोका, जिसके बाद चार बाइकों पर सवार करीब 8 हमलावरों ने नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी.  इस हमले को पूरी तरह से सुनियोजित बताया जा रहा है और इसे पोस्ट-पोल हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है.

(Input: Anupam)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement