'मोहन बागान को मोहन बैंगन कहा...', खेल मंत्री का Video शेयर कर TMC ने उठाए सवाल, PM मोदी को दी सलाह

केंद्रीय खेल मंत्री द्वारा ऐतिहासिक फुटबॉल क्लबों के नामों का गलत उच्चारण करने पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. TMC ने इसे बंगाल की अस्मिता और संस्कृति का अपमान बताते हुए भाजपा को घेरा है.

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केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का वीडियो शेयर कर TMC ने बीजेपी को घेरा है (File Photo- ITG) केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का वीडियो शेयर कर TMC ने बीजेपी को घेरा है (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए जो दिन खुशी की खबर लेकर आने वाला था, वह अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया है. केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा देश के दो सबसे ऐतिहासिक फुटबॉल क्लबों मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के नामों का गलत उच्चारण करने पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे बंगाल की अस्मिता और संस्कृति का अपमान बताते हुए भाजपा को 'बांग्ला विरोधी' करार दिया है.

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दरअसल, 6 जनवरी 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इंडियन सुपर लीग (ISL) के 2025-26 सीजन को फिर से शुरू करने की घोषणा की. महीनों से ठप पड़े लीग के लिए यह एक बड़ी खबर थी. लेकिन संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने फुटबॉल कल्ब मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के नाम का गलत उच्चारण किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

बाहरी लोगों को बंगाल की समझ नहीं: TMC 

तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और इसे बंगाल की संस्कृति पर हमला बताया. TMC ने अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा, "नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया बंगाल के सौ साल पुराने मशहूर फुटबॉल क्लबों के नाम भी उस सम्मान के साथ नहीं बोल पाते, जिसके वे हकदार हैं. यह 'मोहन बैंगन' नहीं, मोहन बागान है. यह 'ईस्ट बैंगन' नहीं, ईस्ट बंगाल है. ये क्लब बंगाल की पहचान हैं और इसलिए, बांग्ला-विरोधी ताकतों की नजर में सिर्फ नफरत और नजरअंदाज करने के लायक हैं."

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TMC ने आगे 'बाहरी' (Bohiragoto) कार्ड खेलते हुए आगे लिखा, "फुटबॉल बंगाल के खून में है. हम इसे जीते हैं, सांस लेते हैं, इसे अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करते हैं. लेकिन ये बाहरी लोग, जो बंगाल को हमेशा नफरत की नजर से देखते हैं, वे यह कभी नहीं समझेंगे. हम प्रधानमंत्री को सलाह देते हैं कि 17 जनवरी को राज्य के अपने तय दौरे से पहले कुछ बेसिक बंगाली सीख लें, कहीं ऐसा न हो कि हमारी जमीन पर वोट मांगते समय उन्हें और ज़्यादा बेइज्जती झेलनी पड़े."

फुटबॉल प्रशंसकों में नाराजगी

मोहन बागान और ईस्ट बंगाल केवल फुटबॉल क्लब नहीं हैं, बल्कि ये बंगाल की पहचान और गौरव का हिस्सा हैं. प्रशंसकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखा कि देश के शीर्ष खेल प्रशासक का इतने बुनियादी नामों से परिचित न होना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार भारतीय फुटबॉल को कितनी गंभीरता से लेती है. सोशल मीडिया पर #MohunBagan और #EastBengal ट्रेंड करने लगा, जहां लोगों ने इसे संवेदनशीलता की कमी बताया.

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