पश्चिम बंगाल पुलिस ने टीएमसी नेता ममता बनर्जी के घर के बाहर लगे एडवांस ऑटोमेटेड गेट को हटा दिया है और इस रास्ते को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. इसके साथ ही ममता बनर्जी के घर के बाहर की सुरक्षा कम कर दी गई है. बतौर सीएम ममता बनर्जी के घर के बाहर स्टील का एडवांस गेट लगा था. लेकिन काउंटिंग के बाद स्टील के इस गेट को हटा दिया गया है. ममता बनर्जी का ये आवास कालीघाट में स्थित है. अब आम लोग इस रास्ते से होकर गुजर सकेंगे.
ममता के घर से इस एडवांस स्वचालित गेट को हटाने का वीडियो भी सामने आया है. बंगाल पुलिस ने ये फैसला तब लिया है जब पश्चिम बंगाल में 15 साल से चल रही टीएमसी की सत्ता का अंत हो गया है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी को 207 सीटें मिली हैं. टीएमसी के खाते में मात्र 80 सीटें आई हैं.
4 मई को नतीजों के बाद उनके घर और नबन्ना स्थित ऑफिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. इस बीच बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिया था कि किसी भी सरकारी दस्तावेज को न तो हटाया जाए और न ही बिना आदेश के उसे नष्ट किया जाए और न ही उसकी फोटो कॉपी ली जाए.
ममता बनर्जी भी भवानीपुर सीट से अपना चुनाव 15 हजार वोटों से हार गई हैं. उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने शिकस्त दी है.
पश्चिम बंगाल में TMC सरकार के 35 मंत्रियों में से 22 हार गए हैं. कैबिनेट मंत्रियों में से चौंका देने वाले नतीजों में 63 प्रतिशत मंत्री अपनी सीटें नहीं जीत पाए.
मतदाताओं ने उन मंत्रियों को नकार दिया जो महिला एवं बाल विकास, उद्योग, आवास, बिजली, शिक्षा, परिवहन और पिछड़े वर्गों जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रहे थे.
केंद्रीय बलों को इस तरह का बर्ताव करते हुए कभी नहीं देखा
इस बीच ममता बनर्जी ने बुधवार को चुनाव हारने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. ममता ने आरोप लगाया है कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी. कल बंगाल के इतिहास का काला दिन था. हमने केंद्रीय बलों को इस तरह का बर्ताव करते हुए कभी नहीं देखा. अत्याचार की कोई सीमा नहीं है. अगर यह सिलसिला वहां चलता रहा, तो इनकी छवि पूरी तरह से धूमिल हो जाएगी. आप लोकतंत्र की मर्यादा भूल गए हैं. आप क्या चाहते हैं? सिर्फ़ एक पार्टी का शासन हो? कोई विपक्ष ही न हो?
तपस सेनगुप्ता