कोलकाता में TMC पार्षद गिरफ्तार, कोर्ट ले जाते समय जनता ने बरसाए अंडे, 'चोर-चोर' के लगे नारे

टीएमसी नेता बप्पादित्य दासगुप्ता के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला है. जानकारी के मुताबिक भीड़ ने उनके खिलाफ न केवल विरोध प्रदर्शन किया, बल्कि उन पर अंडे भी फेंके. शनिवार को पुलिस ने बप्पादित्य दासगुप्ता को गिरफ्तार किया था.

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कोलकाता नगर निगम के वार्ड 101 के पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को शनिवार शाम गिरफ्तार किया गया था. (Photo: ITG) कोलकाता नगर निगम के वार्ड 101 के पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को शनिवार शाम गिरफ्तार किया गया था. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:55 PM IST

रविवार को साउथईस्ट कोलकाता की सड़कों पर आक्रोश का माहौल देखने को मिला. सैकड़ों लोग तृणमूल कांग्रेस के पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पटुली पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए. दासगुप्ता को जबरन वसूली सहित गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है.

जानकारी के अनुसार, जब उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच अलीपुर अदालत ले जाया जा रहा था, तो प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे भी फेंके.  बता दें, कोलकाता नगर निगम के वार्ड 101 के पार्षद दासगुप्ता को शनिवार शाम उनके सहयोगी सौरव घोष के साथ गिरफ्तार किया गया था.

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें जबरन वसूली, आपराधिक अतिक्रमण, आपराधिक धमकी, आगजनी का प्रयास और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं.

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यह मामला लोकल एडवोकेट परमिता डे की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने आवास पर एक लीगल चैंबर स्थापित करने की कोशिश की, तो दासगुप्ता ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की. शिकायत के अनुसार, लगातार दबाव और धमकियों का सामना करने के बाद उन्होंने 2 लाख रुपये का भुगतान किया.

पुलिस अधिकारी ने बताया, 'आरोप लगाया गया है कि 2021 के विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद, दासगुप्ता और उसके सहयोगियों ने गैरकानूनी रूप से परमिता डे के आवास में प्रवेश किया, संपत्ति में तोड़फोड़ की और उसे आग लगाने का प्रयास किया.'

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परमिता डे ने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान करने के बावजूद उन्हें पार्षद के समर्थकों से लगातार धमकियों का सामना करना पड़ा. उन्होंने सामाजिक उत्पीड़न और बहिष्कार झेला, जिसके चलते उन्हें उस क्षेत्र से स्थानांतरित होने के लिए मजबूर होना पड़ा.

बताया जा रहा है कि पटुली पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शनकारियों ने पार्षद को चोर बताते हुए नारे लगाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

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