चेसिस और इंजन नंबर डिलीट, रजिस्ट्रेशन नकली... शुभेंदु के PA के कातिलों ने कर रखी थी लंबी प्लानिंग

पश्चिम बंगाल के बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश की परतें खुल रही है तो सन्न कर देने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. हत्यारों ने कार पर नकली नंबर प्लेट लगाया था, यही नहीं उन्होंने इंजन और चेसिस नंबर को डिलीट कर पुलिस के लिए सारे सुराग खत्म कर दिए हैं.

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चंद्रनाथ रथ के हत्यारों की कार पुलिस को CCTV में दिखी है. (Photo: ITG) चंद्रनाथ रथ के हत्यारों की कार पुलिस को CCTV में दिखी है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया है. जिस कार से चंद्रनाथ रथ की कार को ओवरटेक कर उनका रास्ता रोका गया है उस कार पर मिला नंबर प्लेट नकली था. हत्यारों की तैयारी कितनी बारीक और पूर्व नियोजित थी यह इस बात से बात चलता है कि उन्होंने कार का चेसिस नंबर और इंजन नंबर को मिटा था. ताकि घटना के बाद दूर दूर तक इन हत्यारों का कोई सबूत न मिल सके. 

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केस की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि, "हालात से जुड़े सबूतों को देखते हुए ऐसा लगता है कि यह हत्या पहले से ही प्लान की गई थी. जांचकर्ता घटनास्थल और आस-पास के इलाकों से CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं, जबकि हमलावरों का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं."

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या चंद्रनाथ रथ की हत्या में सुपारी किलर शामिल थे. 

चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात उत्तरी 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह एक फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और नमूने एकत्र किए; उन्होंने यह भी कहा कि वहां आपराधिक जांच विभाग (CID) के अधिकारी भी मौजूद थे. 

दोहरिया जंक्शन पर रोकी गई चंद्रनाथ रथ की कार 

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक रात करीब 10.30 बजे डोलतला और मध्यमग्राम चौमाथा के बीच दोहरिया के पास, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने रथ की कार को रोका और गोलीबारी करने के बाद वहां से फरार हो गए. 

लेकिन इससे पहले भी उनकी कार को रोकने की कोशिश की गई.

अधिकारी ने कहा, "विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. हम कई सुरागों पर काम कर रहे हैं."

उन्होंने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों से पता चलता है कि हमलावरों ने एक सुनियोजित तरीके से रथ के कार को रोका और फिर बेहद करीब से कई राउंड गोलियां चलाईं. 

जांचकर्ताओं को शक है कि रथ को ले जा रही गाड़ी को सबसे पहले दोहरिया जंक्शन के पास एक छोटी चौपहिया गाड़ी ने रोका जिसके बाद मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों में से एक ने मृतक की कार पर गोली चला दी. 

DGP सिद्ध नाथ गुप्ता ने मौके पर मौजूद पत्रकारों को बताया, "एक संदिग्ध गाड़ी जिसने कथित तौर पर रथ की कार का रास्ता रोका था उसे ज़ब्त कर लिया गया है. हालांकि उस पर लगी नंबर प्लेट नकली पाई गई है."

इस अपराध के बारे में बात करते हुए एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि CCTV फुटेज में वह छोटी कार मध्यमग्राम की ओर जाते हुए दिखाई दी है. 

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नंबर प्लेट फर्जी, चेसिस नंबर और इंजन नंबर डिलीट

उन्होंने कहा, "छोटी कार का चेसिस नंबर और इंजन नंबर मिटा दिया गया है. इससे पता चलता है कि उन्होंने पहले से ही हत्या की योजना बना ली थी. इस छोटी गाड़ी का नंबर सिलीगुड़ी में रहने वाले एक व्यक्ति का है, जो एक चाय बागान में कर्मचारी है."

इसी कार के नंबर का इस्तेमाल हत्यारों ने अपनी कार में किया. (Photo: ITG)

इस कार का नंबर WB74AK 2270 है. सिलीगुड़ी के इस कार मालिक ने कहा कि रात को 12 बजे से पहले उन्हें कोलकाता से फोन आया कि आप कहां हैं? मैंने उन्हें कहा कि मैं सिलीगुड़ी में हूं. इसके बाद स्थानीय पुलिस थाने से अधिकारी आए वे मुझे और मेरी कार को थाने ले गए. मेरे कार के दस्तावेजों की जांच की और इसके बाद मुझे छोड़ दिया. 

अधिकारी ने बताया कि ऐसा लगता है कि हत्यारों ने रजिस्ट्रेशन नंबर की नकल की और उसका इस्तेमाल इसलिए किया ताकि उनका पता न लगाया जा सके.

उन्होंने बताया कि हमले के दौरान कम से कम छह से दस राउंड गोलियां चलाई गई होंगी. उन्होंने आगे कहा कि हमलावरों ने कथित तौर पर हेलमेट पहना हुआ था और अपनी पहचान छिपाने के लिए बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया था. 

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DGP ने कहा, "हमने घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोलियां बरामद की हैं. इस समय हमले के पीछे का मकसद साफ नहीं है."

Glock 47X पिस्तौल कहां से आया

पुलिस को शक है कि हमले के दौरान अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था. 

उन्होंने बताया कि शुरुआती फोरेंसिक जानकारी के अनुसार हमलावरों ने Glock 47X पिस्तौल का इस्तेमाल किया हो सकता है. 

"इस तरह के हथियार का इस्तेमाल आम तौर पर साधारण अपराधी नहीं करते. हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे." पश्चिम बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर पीटीआई को कहा. 

DGP सिद्ध नाथ गुप्ता और सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह रात को घटनास्थल पर पहुंचे. 

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 42 साल के रथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने आवास लौट रहे थे तभी यह घटना हुई. उन्होंने बताया कि रथ की गाड़ी बुद्धदेव बेरा चला रहे थे, जिन्हें भी गोली लगी है और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. 

परिवार की इच्छा सबसे अहम

इस बीच बीजेपी नेताओं ने कहा कि गुरुवार को पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद उनका परिवार ही अंतिम संस्कार के बारे में फ़ैसला करेगा.

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पश्चिम बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार सुबह बारासात सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भारी तैनाती के बीच पोस्टमार्टम शुरू हुआ. 

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा. 

जब पीटीआई ने BJP के एक वरिष्ठ नेता से रथ के अंतिम संस्कार के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, "इस समय परिवार की इच्छा सबसे ज़्यादा मायने रखती है. अंतिम संस्कार के बारे में फ़ैसले परिवार से सलाह-मशविरा करने के बाद ही लिए जाएंगे."

बुधवार रात गोलीबारी की घटना के बाद रथ को जिस अस्पताल में ले जाया गया था उसके बाहर BJP कार्यकर्ता जमा हो गए और उन्होंने हत्या में शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है. 

एक BJP कार्यकर्ता ने कहा, "हम दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा चाहते हैं। किसी भी राज्य में इस तरह के हमले निंदनीय हैं."

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी भी तरह के तनाव को रोकने के लिए अस्पताल और रथ के घर के आस-पास पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है. 

दुखियारी मां ने गजब की ममता दिखाई

इस घटना के बीच चंद्रनाथ रथ की मां ने ममता का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है. 

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उन्होंने हत्यारों के लिए मौत की सजा नहीं बल्कि आजीवन कारावास की मांग की है. 

उनकी मां ने कहा, "एक माX होने के नाते, मैं किसी के लिए भी मौत की सज़ा नहीं मांग सकती. लेकिन मैं दोषियों के लिए उम्रकैद की सज़ा की मांग ज़रूर करूंगी,"

इस दुखी मां ने दावा किया कि यह हत्या "भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का बदला" थी. 

उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान TMC नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि जहां एक तरफ अधिकारी शांतिपूर्ण मतदान की अपील कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ TMC खुलेआम यह ऐलान कर रही थी कि 4 मई के नतीजों के बाद दिल्ली का कोई भी नेता BJP कार्यकर्ताओं को नहीं बचा पाएगा. उन्होंने इस बात को सच साबित कर दिया. 

उन्होंने बताया कि उनके बेटे को नंदीग्राम और भवानीपुर चुनावों के लिए एक खास ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. 

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