उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में आयोजित एक जनसभा के दौरान संभल के मंदिर मस्जिद विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. अपने संबोधन में उन्होंने संभल के विवादित धार्मिक स्थल, पुराने दंगों और वहां के तीर्थों का विस्तार से जिक्र किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर कहकर संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इतिहास में इस स्थल को हरिहर मंदिर के रूप में जाना जाता था और इसे 1526 में बाबर की औलाद द्वारा तोड़ा गया था.
उन्होंने अपने भाषण में संभल के 1976 और 1978 के सांप्रदायिक दंगों का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सैकड़ों हिंदुओं की हत्या हुई थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 1994 और 1995 में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान दंगा आरोपियों के मुकदमे वापस ले लिए गए थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें एक दंगा पीड़ित परिवार का सदस्य मिला था, जिसने बताया कि उनकी संपत्ति लूट ली गई थी और उन्हें संभल छोड़कर दिल्ली में रहना पड़ा. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने उस व्यक्ति से कहा है कि वह दस्तावेज लेकर आए, सरकार उसकी संपत्ति वापस दिलाने में मदद करेगी.
जनसभा में सीएम योगी का संभल पर बड़ा बयान
संभल में हाल के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां के धार्मिक स्थलों और तीर्थों को लेकर अब नई पहल की जा रही है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा संभल में 68 तीर्थ और 19 कूपों की पहचान की गई है.उन्होंने कहा कि इन तीर्थों और कूपों को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया गया है.
साथ ही 24 कोसीय परिक्रमा के लिए भी धन उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परिक्रमा मार्ग पर टू लेन सड़क, धर्मशाला और सराय का निर्माण किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 67 तीर्थों को पुनर्जीवित किया जा चुका है और कूपों से अवैध कब्जे हटाकर उन्हें वापस लिया गया है . उन्होंने कहा कि यह कार्य गर्व का विषय है.
उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि 1528 में बाबर के सिपहसालार मीर बाकी ने राम मंदिर को तोड़ा था, लेकिन 500 वर्षों के भीतर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया गया है. उन्होंने इसे भारत का गौरव बताया. मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि ऐसे कार्य तभी संभव होते हैं जब संतों का आशीर्वाद और सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति साथ हो. उन्होंने डबल इंजन सरकार का भी जिक्र किया और कहा कि इसी वजह से बड़े फैसले संभव हो पा रहे हैं .
दरअसल, संभल की जामा मस्जिद को लेकर विवाद इस समय चंदौसी स्थित सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में विचाराधीन है. कोर्ट द्वारा सर्वे के आदेश दिए जाने के बाद 24 नवंबर को सर्वे के दौरान हिंसा भी भड़क गई थी. इसके बाद संभल के खग्गू सराय में बंद पड़े कार्तिकेय महादेव मंदिर के 40 साल बाद कपाट खुलने की घटना भी सामने आई.
68 तीर्थ और 19 कूपों के पुनर्जीवन का दावा
इसी के साथ प्रशासन ने संभल में अवैध कब्जों के बीच दबे तीर्थों और कूपों की खोज शुरू की. अब इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. संभल के धार्मिक विवाद और विकास योजनाओं को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.
अभिनव माथुर