उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर सांसद रवि किशन जब भी एक साथ एक मंच पर होते हैं तो दोनों के बीच हंसी-मजाक होता रहता है. योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखुपर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसी बात कह दी, जिसे सुनकर रवि किशन के होश उड़ गए. सीएम ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में गोरखपुर सीट से कोई महिला उम्मीदवार हो सकती है, लेकिन अब रवि किशन से छुटकारा चाहते हैं.
सीएम योगी ने यह बात गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय में गर्ल्स हॉस्टल के बुनियाद रखते समय कही. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात को सुनकर हर कोई हंस पड़े तो कई लोग इसे इशारा मान रहे हैं.
रवि किशन लगातार दो बार से गोरखपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद है, उससे पहले गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि हुआ करती थी. ऐसे में क्या रवि किशन को गोरखपुर से तीसरी बार लोकसभा का टिकट कटने जा रहा है, जिसके संकेत योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में दिए हैं.
योगी का बयान मजाक या फिर बड़ा संकेत
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जब अगला लोकसभा का चुनाव आएगा, तो गोरखपुर से सांसद रवि किशन की जगह कोई महिला दावेदार भी हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि लोग चाहते हैं कि अब उन्हें छुट्टी मिल जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से पास हो चुका है और प्रधानमंत्री की इच्छा है कि 2029 के चुनाव में इसे लागू किया जाए. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का मौजूदा सीट पर असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीट बनाई जाएगी. इसके बाद भी मुख्यमंत्री का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है.
रवि किशन को लेकर योगी आदित्यनाथ के बयान को कुछ लोग एक इशारा मान रहे हैं तो अधिकांश लोगों मजाक मान रहे हैं. हालांकि, सियासत में यह बातें मजाक में नहीं कही जाती है बल्कि इसके सियासी संकेत भी हैं.
गोरखपुर में क्या रवि किशन के लिए खतरा
योगी आदित्यनाथ ने अपनी राजनीतिक पारी का आगाज गोरखपुर से किया था. 1996, 1998, 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में लगातार योगी आदित्यनाथ ने जीत दर्ज की थी. इस तरह योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को अपने मजबूत दुर्ग के रूप में स्थापित किया था. बीजेपी के खिलाफ लहर में योगी जीतने में सफल रहे हैं.
2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर लोकसभा सीट छोड़ दी थी, जिसके बाद उपचुनाव में सपा जीतने में सफल रही. 2019 में बीजेपी ने रवि किशन को चुनाव लड़ाया और जीतकर सांसद पहुंचे. इसके बाद दोबारा 2024 में भी जीतने में सफल रहे, लेकिन उनके जीत का मार्जिन कम हो गया. 2019 में रवि किशन ने 301,664 वोट से जीत दर्ज की थी, लेकिन 2024 में वो सिर्फ एक लाख वोटों से ही जीत सके थे.
योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद गोरखपुर में विकास के बहुत काम हुए हैं और जिले की सभी विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा है. इसके बावजूद रवि किशन के जीत का मार्जिन कम होना यह बता रहा है कि उनकी सियासी फिजा पहले जैसी नहीं रही. यही वजह है कि योगी आदित्यनाथ के बयान को रवि किशन के 2029 के चुनाव लड़ने की उम्मीदवारों को खतरे के रूप में देखा जा रहा है. सीएम योगी ने खुद ही कहा है कि गोरखपुर के लोग भी रवि किशन से छुटकारा चाहते हैं?
गोरखपुर सीट क्या महिला रिजर्व हो जाएगी
केंद्र की मोदी सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण को लागू करना चाहती है. सरकार के प्रस्ताव के मुताबित लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ा दी जाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण लोकसभा और विधानसभा चुनाव में देने की है. इस लिहाज से 50 फीसदी सीटें बढ़ाने की प्लानिंग सरकार कर रही है.
देश में अभी 543 लोकसभा सीटें है, लेकिन सरकार के आरक्षण लागू होने के बाद सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी.सरकार की योजना है कि लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों की संख्या में आनुपातिक बढ़ोतरी की जाए. इस लिहाज से यूपी में अभी 80 लोकसभा सीटें है, लेकिन 50 फीसदी सीटें बढ़ती है तो यह संख्या 120 हो जाएगी. ऐसे में 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू होता है तो फिर करीब 40 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संभावना जता रहे हैं कि कहीं गोरखपुर सीट महिला रिजर्व न हो जाए. ऐसा होता है तो फिर रवि किशन के 2029 में गोरखपुर सीट से चुनाव लड़ने की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को अपनी कुर्मभूमि रही गोरखपुर सीट से किसी नए चेहरे की तलाश करनी होगी. ऐसे में देखना है कि 2029 में क्या होता है?
कुबूल अहमद