कोलकाता पुलिस ने अयोध्या पुलिस की मदद से 11 मई को उत्तर प्रदेश से राज सिंह नाम के युवक को गलत पहचान के चलते गिरफ्तार किया था. इस मामले में पुलिस ने पहले बक्सर से दो आरोपियों विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को पकड़ा था, जिनसे पूछताछ के बाद फेसबुक रील बनाने वाले राज सिंह की यह गलत गिरफ्तारी हुई थी. बाद में सीबीआई ने मुजफ्फरनगर के छपार टोल से असली आरोपी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया, जिसके बाद बेगुनाह साबित होने पर राज सिंह को कल जेल से रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद राज सिंह ने बताया कि यूपी पुलिस की गलती के कारण प्रशासन ने उन्हें बेगुनाह होने के बावजूद इस भट्टी में झोंकने का काम किया था.
'मेरा एनकाउंटर हो जाता, मुझे डराया जा रहा था'
जेल से छूटने के बाद राज सिंह ने बातचीत में कहा कि अगर सीबीआई नहीं आई होती, तो उनका एनकाउंटर हो जाता. उन्होंने बताया कि उन्हें डराया जा रहा था कि गोली मार देंगे और उन पर बहुत प्रेशर बनाया जा रहा था. राज सिंह ने हाथ जोड़कर सीबीआई का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके बेहतरीन काम की वजह से ही आज वह बच पाए हैं.
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सीसीटीवी और कुर्ते की रसीद ने बचाई जान
राज सिंह ने बताया कि उन्हें बंगाली भाषा नहीं आती थी और वहां लोग उन्हें जलील नजरों से देख रहे थे, जिससे लगा कि वे लोग कुछ प्लानिंग कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अगर उनके पास सीसीटीवी फुटेज नहीं होता, जो उनके घरवालों ने सीबीआई को दिया, तो वह नहीं बचते. इसके अलावा ड्रेस लैंड से खरीदे गए कुर्ते ने भी उनकी बेगुनाही साबित करने में बड़ी मदद की.
मीडिया का जताया आभार, क्षत्रिय महासभा से नाराजगी
राज सिंह ने मीडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि मीडिया ने उनकी बात को हर एंगल से चलाया. उनकी फैमिली ने मीडिया के माध्यम से ही सीबीआई से बात की, जिसके बाद सीबीआई आई. हालांकि, उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह क्षत्रिय महासभा से जुड़े हैं, लेकिन इस मुश्किल वक्त में कोई भी उनके परिवार के साथ आकर खड़ा नहीं हुआ.
अनिल अकेला