यूपी एसटीएफ ने 13 मई को मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र के अलीपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर शातिर अपराधी जुबैर को मुठभेड़ में ढेर कर दिया. अलीगढ़ का निवासी और दिल्ली के शाहीन बाग में छिपकर रह रहा जुबैर पुलिस की फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुआ और मेडिकल अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अपराधी के पास से एक बाइक, दो .32 बोर की पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं. जुबैर पर अलीगढ़ पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था क्योंकि वह हत्या और लूट के 24 मामलों में मुख्य आरोपी था.
मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था जुबैर
मारे गए बदमाश जुबैर की पहचान ग्राम नौशा, अलीगढ़ निवासी के रूप में हुई है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह कुख्यात मुनीर गैंग का एक बेहद सक्रिय और खतरनाक सदस्य था.
जुबैर के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग दो दर्जन मुकदमे दर्ज थे. वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था.एसटीएफ काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी.
राव दानिश हिलाल हत्याकांड में था वांछित
जुबैर पर सबसे बड़ा मामला 24 दिसंबर 2025 को अलीगढ़ के सिविल लाइन इलाके में हुई राव दानिश हिलाल की हत्या का था. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद से उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया था. मेरठ में हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा.
उस्मान चौधरी / मयंक गौड़