प्रयागराज माघ मेला से लौटकर काशी पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाए. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- 'हम खुद ही बुलडोजर हो गए हैं. जो कोई गौ हत्यारा सामने आएगा उसके ऊपर बुलडोजर चलेगा. आओ बुलडोजर से भिड़ो.'
उन्होंने कहा कि माघ मेला विवाद में ना तो कोई पुलिसकर्मी सस्पेंड हुआ और ना ही किसी पर कार्रवाई हुई, ना तो कोई जांच हुई और ना ही न्याय हुआ. कोई मानने को तैयार नहीं है कि उनसे गलती हुई. अब आगे की रणनीति के हिसाब से बढ़ेंगे. आवाज बंद नहीं होगी.
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि UGC के नए नियम सनातन को बांटने और काटने की मशीन है. ऐसा कानून कैसे लाया जा सकता है जो एक ही समूह के लोगों को एक दूसरे के सामने खड़ा करके आपस में लड़ा दे? आप एक जाति को दूसरी जाति के सामने खड़ा कर देंगे और दोनों जातियां आपस में लड़ेंगी तो दोनों का ही नुकसान होगा. आप हिंदू धर्म को समाप्त करने का रास्ता बना रहे हैं.
वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई मृत्यु और ममता बनर्जी के द्वारा सुप्रीम कोर्ट से जांच के सवाल पर उन्होंने कहा- कुछ दिनों पहले अजित पवार ने कहा था कि एक बड़े घोटाले के सभी सबूत हमारे पास आ चुके हैं और ऐसा कहने के बाद ही यह घटना घट गई. इसलिए यह संदेह है कि कोई घटना इनके साथ कारित तो नहीं की गई? अगर लोगों के मन में किसी प्रकार की शंका है तो उसकी जांच करके जनता के सामने स्पष्ट कर देना चाहिए. हालांकि, हम किसी प्रकार की जांच की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन जनता के मन में संदेह है तो सरकार का दायित्व है कि वह किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति जनता में न बनने दे.
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गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा एक सभा में यह बयान देना कि सनातन धर्म की रक्षा में नाकाम रहने वाली सरकार सत्ता में वापस कभी नहीं आती है, इसपर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- वे अपने डेथ वारंट पर खुद ही साइन कर रहे हैं. ये हमारी बात दोहराते हैं, लेकिन सनातन का तो अपमान हुआ है. ये मंच से अच्छी-अच्छी बातें करते हैं, लेकिन मौके पर उनसे कुछ भी अच्छा नहीं हो पा रहा है.
वहीं, अखिलेश यादव द्वारा ये कहने पर कि प्रयाग की घटना अनिष्टकारी है, इसपर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- जब तक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं होती होती, तब तक उसे पूर्ण नहीं माना जाता है. माना जाता है कि शंकराचार्य के स्नान करने के बाद स्नान क्रिया की पूर्णाहुति हो जाती है. लेकिन इस बार वही नहीं हो पाया. निश्चित रूप से अखिलेश यह बात समझ रहे हैं कि क्या अनिष्ट हुआ?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दूरी बनाने के सवाल पर तंज कसते हुए कहा कि वे सरकार के अंग हैं और उन्हें हिम्मत दिखाकर आगे आना चाहिए था. उन्होंने कहा कि "भेजे जाने पर आने" की बात करना विवेकहीनता दर्शाता है, एक विवेकशील व्यक्ति स्वयं निर्णय लेता है.
रायबरेली में स्वयं को 'पाकिस्तानी एजेंट' और 'कलयुगी रावण' बताने वाले पोस्टरों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि ये गौ हत्या का पैसा लेकर राजनीति चमकाने वाले लोग हैं. उन्होंने चुनौती दी कि पोस्टर लगाने वाले अपने आरोपों को कभी सिद्ध नहीं कर पाएंगे. लग्जरी कारों में साधुओं के भ्रमण पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कैमरे कारों की ओर आकर्षित थे, साधुओं की ओर नहीं. भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा कि वे चारों शंकराचार्यों के समर्थन से 'गौ रक्षा' के मुद्दे को ही प्राथमिकता से आगे बढ़ाएंगे.
रोशन जायसवाल