दूल्हे के सामने बॉयफ्रेंड के पास पहुंची दुल्हन, बोली- इसी से शादी करूंगी, सन्न रह गया पूरा पंडाल

वाराणसी में शादी समारोह के दौरान दुल्हन ने दूल्हे को वरमाला पहनाने से इनकार कर दिया और अपने प्रेमी के पास पहुंच गई. दुल्हन की जिद के आगे परिवार वाले भी हार मान गए. मामला थाने तक पहुंचा, घंटों पंचायत चली और आखिरकार दोनों परिवारों की सहमति से दुल्हन की शादी उसके प्रेमी से करा दी गई. वहीं बारात बिना दुल्हन लौट गई.

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परिवार वालों ने प्रेमी से मंदिर में कराई शादी. (Photo: ITG) परिवार वालों ने प्रेमी से मंदिर में कराई शादी. (Photo: ITG)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 09 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:14 PM IST

बैंड-बाजे की आवाज, घर में गूंजते शादी के गीत, रिश्तेदारों की चहल-पहल और स्टेज पर सजी दुल्हन... वाराणसी के छितौनी गांव में शादी थी. दूल्हा बारात लेकर पहुंच चुका था. द्वार पूजा हो चुकी थी. कैमरे चमक रहे थे और सबकी निगाहें जयमाल के उस पल पर टिकी थीं, जब दुल्हन अपने होने वाले पति के गले में वरमाला डालेगी. लेकिन अगले कुछ सेकेंड में ऐसा हुआ कि पूरा मंडप सन्न रह गया.

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दुल्हन ने वरमाला हाथ में ली... सामने खड़े दूल्हे को देखा... और अचानक स्टेज से उतरकर भीड़ में खड़े एक युवक की तरफ दौड़ पड़ी. 'मैं शादी करूंगी तो सिर्फ इसी से...' दुल्हन की यह बात सुनते ही शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई. रिश्तेदार एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे. दूल्हे के परिवार वाले भड़क गए. और जिस युवक की तरफ दुल्हन भागी थी, उसकी पिटाई शुरू हो गई.

यह पूरा मामला वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र के छितौनी गांव का है, जहां पारस राजभर की बेटी किरण राजभर की शादी बड़े धूमधाम से तय हुई थी. दूल्हा बारात लेकर पहुंचा था. शादी की रस्में भी शुरू हो चुकी थीं. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि दुल्हन के दिल में कोई और बसा है.

किरण का प्रेम संबंध चोलापुर क्षेत्र के भरथौली गांव के रहने वाले पवन से था. दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन परिवार ने किरण की शादी कहीं और तय कर दी. पवन भी चुपचाप शादी समारोह में पहुंच गया था. शायद वह सिर्फ आखिरी बार अपनी मोहब्बत को दुल्हन बनते देखता.

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उधर स्टेज पर खड़ी किरण की नजर जैसे ही पवन पर पड़ी, वह खुद को रोक नहीं सकी. उसने सबके सामने दूल्हे को वरमाला पहनाने से इनकार कर दिया. परिवार वालों ने समझाने की कोशिश की. रिश्तेदारों ने भी समझाया. लेकिन किरण नहीं मानी.

इसी बीच कुछ लोगों ने पवन को पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी. माहौल गर्म हो गया. तभी दुल्हन स्टेज से नीचे उतरी और पवन के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गई. उसने रोते हुए कहा कि इसे मत मारो... मैं इससे प्यार करती हूं. यह सुनते ही पूरे समारोह में सन्नाटा छा गया. दूल्हा भी सब समझ चुका था. उसने शांत तरीके से शादी से इनकार कर दिया और अपने परिवार के साथ बारात वापस ले गया.

इसके बाद यह मामला सीधे लोहता थाने पहुंच गया. दुल्हन के पिता ने पुलिस को खबर दी थी. थाने में घंटों पंचायत चली. दोनों परिवार आमने-सामने बैठे. पुलिस और गांव के लोग समझाने में जुटे रहे. लेकिन किरण अपने फैसले से टस से मस नहीं हुई. उसने साफ कह दिया कि वह किसी और के साथ जिंदगी नहीं बिता सकती. 

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काफी देर तक चली बातचीत के बाद आखिरकार दोनों परिवारों ने हार मान ली. माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ. फिर फैसला हुआ कि जब दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और साथ रहना चाहते हैं, तो उनकी शादी करा दी जाए.

इसके बाद वही परिवार, जो कुछ घंटे पहले एक-दूसरे के खिलाफ खड़े थे, मंदिर पहुंचे. वहां किरण और पवन ने शादी कर ली. परिजनों ने दोनों को आशीर्वाद भी दिया. पूरे गांव और आसपास इस कहानी की चर्चा हो रही है. एक तरफ बारात बिना दुल्हन के लौट गई... दूसरी तरफ उसी मंडप से एक प्रेम कहानी अपनी मंजिल तक पहुंच गई.

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