टनल में फिर काम करने जाएंगे? पढ़ें- उत्तरकाशी से घर पहुंचे मजदूर अखिलेश कुमार क्या बोले

अखिलेश ने टनल के अंदर बिताए गए 17 दिनों के बारे में बताया. कहा कि सब लोग साथ थे. खाने की व्यवस्था पाइप के जरिए की गई थी. मैं काम करने के लिए फिर वहां जाऊंगा. यह एक प्राकृतिक घटना थी. इसमें किसी सरकार और कंपनी का कोई दोष नहीं है.

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अखिलेश कुमार के घर आने की खुशी मनाते परिजन. अखिलेश कुमार के घर आने की खुशी मनाते परिजन.

सुरेश कुमार सिंह

  • मिर्जापुर ,
  • 01 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:07 PM IST

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में 41 मजदूर 17 दिन तक फंसे रहे थे. इन्हीं में एक अखिलेश कुमार भी थे. वो शुक्रवार को अपने परिजनों के पास पहुंचे. यूपी में मिर्जापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र में घरवासपुर के रहने वाले अखिलेश का गांव में सुबह से इंतजार हो रहा था. उनके पहुंचते ही परिवार और गांव स्वागत में उमड़ पड़ा.

जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लखनऊ से अखिलेश को लेकर पहुंची, लोगों ने गाड़ी से उतरते ही अखिलेश को कंधों पर उठा लिया. परिवार के सदस्यों ने आरती उतारी और माला पहनाकर स्वागत किया. इस दौरान पूरा गांव हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा. मां, पिता और दादा से मुलाकात करने के बाद अखिलेश गर्भवती पत्नी से मिले.

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'बेटे को वापस टनल के अंदर नहीं जाने दूंगी'

बेटे को अपने बीच पाकर मां और पिता बेहद खुश नजर आए. उन्होंने कहा कि बेटा घर वापस लौट आया है, इससे बड़ी कोई खुशी नहीं है. मां अंजू देवी ने कहा कि बेटे को वापस टनल के अंदर नहीं जाने दूंगी. वह सुपरवाइजरी करे, मगर दोबारा टनल में न जाए.

'मैं काम करने के लिए फिर वहां जाऊंगा'

इस दौरान अखिलेश ने मीडिया से बात करते हुए टनल के अंदर बिताए गए दिनों के बारे में बताया. कहा कि सब लोग साथ थे. खाने की व्यवस्था पाइप के जरिए की गई थी. मैं काम करने के लिए फिर वहां जाऊंगा. यह एक प्राकृतिक घटना थी. इसमें किसी सरकार और कंपनी का कोई दोष नहीं है.

बताते चलें कि 28 नवंबर को सभी मजदूरों को सही सलामत सुरंग से बाहर निकालने के बाद सभी का मेडिकल हुआ था. इसमें वो स्वस्थ पाए गए. उत्तराखंड सरकार ने सभी मजदूरों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.

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सुरंग में फंसे रहने के दौरान मजदूर एक-एक दिन उंगलियों पर गिन रहे थे. इन्हीं मजदूरों में शामिल कई लोगों ने सुरंग के अंदर के वीडियो रिकॉर्ड किए थे. इनमें मजदूरों ने बताया था कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनके पास खाने-पीने की क्या व्यवस्था थी. अंदर का माहौल कैसा था और वह सभी कैसे रह रहे थे.

ओडिशा सरकार ने 2 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया

बता दें कि इन मजदूरों में ओडिशा के भी मजदूर थे. ओडिशा सरकार ने उन्हें 2 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है. वहीं, सिलक्यारा सुरंग से सुरक्षित रेस्क्यू किए गए झारखंड के 15 मजदूरों और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की.

बताते चलें कि सुरंग से 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने वाले रैट माइनर्स की हर तरफ तारीफ हो रही है. इस टीम में अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल थे, जिन्हें सम्मानित भी किया जा रहा है. इस कड़ी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्ली के रैट-होल माइनर्स से मुलाकात की.

 

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