उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा आगामी त्रिस्तरीय ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी देने के ठीक दो दिन बाद बुधवार को राज्यपाल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कमीशन के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति कर दी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश न्यायमूर्ति राम औतार सिंह को इस नए पांच सदस्यीय कमीशन का अध्यक्ष बनाया गया है.
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आयोग में अन्य चार सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें दो रिटायर्ड जिला जज बृजेश कुमार और संतोष कुमार विश्वकर्मा तथा दो रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया और एस पी सिंह भी शामिल हैं.
सरकारी बयान में आगे कहा हैं कि कमीशन के इन सभी सदस्यों का कार्यकाल काम शुरू करने की तारीख से 6 महीने के लिए होगा. आवश्यकता पड़ने पर सरकार इस अवधि को आगे भी बढ़ा सकती है. इस कमीशन को गांवों के स्थानीय चुनावों में OBC वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण (Reservation) की सीटें तय करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. कमिशन का मुख्य काम ये देखना होगा कि गांवों के तीन स्तर के चुनावों (ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला पंचायत) में किस पद के लिए कितनी सीटें आरक्षित की जानी चाहिए. इसके लिए कमेटी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करेगी.
इस साल हो सकते हैं चुनाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस 'उत्तर प्रदेश स्टेट लोकल रूरल बॉडीज डेडिकेटेड बैकवर्ड क्लासेस कमीशन' को बनाने का फैसला लिया गया था. इसके बाद बुधवार को आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा कर दी गई.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछला पंचायत चुनाव साल 2021 में कराया गया था. माना जा रहा है कि अगला पंचायत चुनाव इसी साल के अंत तक हो सकता है.
कौन हैं राम औतार सिंह
अध्यक्ष बनाए गए जस्टिस राम औतार सिंह, इससे पहले 2022-2023 में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भी समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं. बिजनौर के रहने वाले जस्टिस राम औतार ने तब प्रदेशभर में व्यापक सर्वे कर आंकड़े जुटाए थे, जिसके आधार पर ही निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू हुआ था.
अंकित मिश्रा