उत्तर प्रदेश के बस्ती में निकाय चुनाव अपने चरम पर हैं. अलग-अलग सीटों पर तरह-तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं. जनपद में कुछ नेता अपनी पत्नियों के साथ पूरी ताकत के साथ चुनाव में उतरे हुए हैं. ताकि उनकी प्रतिष्ठा तो बचे ही और उनकी पत्नियों की इज्जत भी बच जाए.
बस्ती जनपद के रुधौली और गणेशपुर नगर पंचायत सीट पर बीजेपी ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के तौर पर पार्टी के दो पूर्व विधायकों की पत्नियों को टिकट दिया है. अब घर की गृहस्थी संभालने वाली गृहणियां अपने पति के नक्शे कदम पर चलते हुए चुनावी मैदान में कूद पड़ी हैं और हर हाल में अपनी और अपने पति की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए जोर आजमाइश कर रही है.
संगीता जायसवाल को रुदौली का उम्मीदवार बनाया
वहीं बीजेपी के पूर्व विधायक संजय प्रताप जायसवाल की पत्नी संगीता जायसवाल को नगर पंचायत रुदौली का उम्मीदवार बनाया गया है. बीजेपी से टिकट मिलने के बाद संगीता जायसवाल दावा कर रही हैं कि अगर वे जीत जाती हैं तो इस नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत बनाने का काम करेंगी. वहीं इस सीट पर प्रतिष्ठा की बात की गई तो उन्होंने कहा कि "यह चुनाव सिर्फ उनकी ही नहीं बल्कि उनके पति जो कि पूर्व विधायक रह चुके हैं उनके भी प्रतिष्ठा का सवाल है."
गणेशपुर सीट से सोनमती चौधरी को बीजेपी ने अपना कैंडिडेट बनाया
वहीं नगर पंचायत गणेशपुर सीट से सदर के पूर्व विधायक रहे दयाराम चौधरी की पत्नी सोनमती चौधरी को बीजेपी ने अपना कैंडिडेट बनाया है जिसे लेकर पूर्व विधायक दयाराम चौधरी अपने समर्थकों के साथ नगर पंचायत गणेशपुर की सड़कों पर खूब पसीना बहा रहे हैं. बीजेपी के पूर्व विधायक रहे दयाराम चौधरी से बातचीत के दौरान बताया कि उनकी पत्नी को इस नगर पंचायत से टिकट जरूर दिया गया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि इस सीट पर वे क्लीन स्वीप करेंगे.
जनता विकास के मुद्दे पर वोट करेगी
नगर पंचायत गणेशपुर की जनता विकास के मुद्दे पर वोट करेगी, उनकी पत्नी राजनीति में कोई नई नहीं है उनके साथ साथ वे भी राजनीति की दांवपेच जानती है. दावा किया कि अगर नगर पंचायत गणेशपुर के जनता उनकी पत्नी को चुनती है तो उनकी तनिक भी कोई दखलंदाजी यहां नहीं होगी और पत्नी सोनमती चौधरी ही नगर पंचायत गणेशपुर की कुर्सी पर बैठकर विकास करने का काम करेंगी.
संतोष सिंह