उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज 9 फरवरी से लखनऊ स्थित विधानसभा में शुरू हो रहा है. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करेंगी. सत्र की शुरुआत सुबह राष्ट्रगीत वंदे मातरम से होगी, जिसके तुरंत बाद राज्य सरकार पहली बार अपना आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत करेगी. सरकार 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने की योजना बना रही है. यह पूरा आयोजन 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें विपक्षी दल बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को चुनौती दे रहे हैं.
आर्थिक सर्वेक्षण और सरकार का पक्ष
मुख्यमंत्री के अनुसार, यूपी अब 'बॉटलनेक स्टेट' से उबरकर 'ब्रेक थ्रू स्टेट' बन चुका है. आज पेश होने वाले आर्थिक सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति आय, रोजगार सृजन और वित्तीय प्रबंधन के डेटा रखे जाएंगे.
सरकार का दावा है कि पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश 'रेवेन्यू सरप्लस स्टेट' बना हुआ है. सत्ता पक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं और विपक्ष को सदन की कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद का रास्ता चुनना चाहिए ताकि जनहित के मुद्दों पर सार्थक सुझाव मिल सकें.
विपक्ष का तेवर और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सत्र शुरू होने से पहले ही चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है. विपक्ष एसआईआर, कोडीन कफ सिरप तस्करी और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरने के लिए तैयार है. हंगामे की आशंका को देखते हुए विधानसभा परिसर में यूपी पुलिस के साथ आरआएफ (RRF) की टुकड़ियां तैनात की गई हैं. पूरे इलाके को बैरिकेड कर छावनी बना दिया गया है. रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सहयोग का आश्वासन मिलने के बावजूद पहले दिन तीखी नोकझोंक के आसार हैं.
आगामी कार्यक्रम और विधायी कार्य
9 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधायी कार्य निपटाए जाएंगे. 10 फरवरी को सदन की कार्यवाही पूर्व और वर्तमान दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी जाएगी. इसके बाद 11 फरवरी को इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यानी सामान्य बजट पेश होगा. बजट पर चर्चा के बाद अनुदान मांगों को पारित किया जाएगा. सरकार का मानना है कि यह सत्र प्रदेश के आर्थिक उन्नयन की यात्रा को जनता तक पहुंचाने का एक बड़ा मंच बनेगा और लोकतंत्र के आधार स्तंभ के रूप में संवाद का नया कीर्तिमान स्थापित करेगा.
सीएम योगी का बयान
उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र (वित्तीय वर्ष 2026-2027) के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है और राज्य के हित में काम करने के लिए तैयार है. संवाद से समस्या के समाधान की दिशा में काम करना होगा. माननीय राज्यपाल जी के अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश होगा... ऐसा पहली बार होगा जब कोई राज्य अपना आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगा. उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ से ‘ब्रेक थ्रू स्टेट’ के तौर पर स्थापित करने में सफलता मिली है.
समर्थ श्रीवास्तव