उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में थाना सिविल लाइन क्षेत्र के पुठन सकरौली में एक स्वागत समारोह के दौरान BJP के जिला महामंत्री सत्येंद्र राजपूत और जिला मंत्री सुरेश राजपूत की कार पर हमला हुआ. बीजेपी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष मनोज राजपूत और उनके दस साथियों ने नेताओं को रोककर रंगदारी मांगी और विरोध करने पर असलहा तानकर मारपीट की. हमलावरों ने ईंट-पत्थरों से कार तोड़ दी और सोने की चेन लूट ली. पुलिस ने बीजेपी पदाधिकारी समेत सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी है.
अपनों ने ही तानी पिस्टल, मांगी रंगदारी
जिला महामंत्री सत्येंद्र राजपूत का आरोप है कि मनोज राजपूत और उनके सहयोगियों ने क्षेत्र में आने के बदले पैसों की मांग की. बात बढ़ने पर आरोपियों ने पिस्टल तान दी और जानलेवा हमला कर दिया.
इस घटना के बाद इटावा बीजेपी में गुटबाजी खुलकर सामने आ गई. जिला कार्यकारिणी के नेता जब थाने पहुंचे, तो कुछ निवर्तमान पदाधिकारी आरोपी मनोज राजपूत के समर्थन में खड़े दिखाई दिए. पार्टी के अंदर छिड़े इस घमासान से पुलिस प्रशासन भी सकते में है.
दोषी कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकालेंगे: जिलाध्यक्ष
बीजेपी जिलाध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला महामंत्री पर हमला करने वाले मनोज राजपूत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. साथ ही, जो भाजपा कार्यकर्ता या निवर्तमान पदाधिकारी हमलावरों का पक्ष ले रहे हैं, उन्हें पहचाना जा रहा है. जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि ऐसे अनुशासनहीन लोगों की शिकायत उच्च स्तर पर करके उन्हें जल्द ही पार्टी से निष्कासित करवाया जाएगा.
आरोपी का पलटवार: रची गई है साजिश
दूसरी ओर, मुख्य आरोपी मनोज राजपूत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है. मनोज का दावा है कि जिलाध्यक्ष और कुछ विवादित पदाधिकारी उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं. उन्होंने मारपीट और पथराव के आरोपों को निराधार बताते हुए मामले की सीसीटीवी फुटेज से जांच कराने की मांग की है. मनोज के अनुसार, विवाद की असली जड़ क्षेत्र में बने एक निजी अस्पताल का मामला है, जिसमें वे जनता के साथ खड़े हैं.
अमित तिवारी