Uttar Pradesh News: मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में गुरुवार को व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में अपनी दुकानों पर समाजवादी पार्टी के झंडे लगा दिए. आवासीय प्लॉट पर कमर्शियल निर्माण के कारण बाजार पर टूटने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे नाराज व्यापारियों ने स्थानीय बीजेपी जनप्रतिनिधियों का सहयोग न मिलने पर यह कदम उठाया.
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर झंडे हटवा दिए. इस दौरान पुलिस ने करीब चार व्यापारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में सपा कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद छोड़ दिया गया.
ध्वस्तीकरण की तलवार और बीजेपी से नाराजगी
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनके कारोबार पर संकट मंडरा रहा है. एक कॉम्प्लेक्स पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है और अब बाकी दुकानों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी है. व्यापारियों का कहना है कि सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधि इस संकट की घड़ी में उनका साथ नहीं दे रहे हैं. इसी उपेक्षा से तंग आकर उन्होंने विरोध जताने के लिए सपा के झंडे अपनी दुकानों की छतों और शटर पर लगा दिए.
'सपा का झंडा क्या तालिबानी झंडा है?'
इस मामले में सपा कार्यकर्ता सुदीप जैन ने पुलिसिया कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि व्यापारियों का कारोबार खत्म होने की कगार पर है और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध कर रहे हैं. सुदीप जैन ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या सपा का झंडा कोई विदेशी या तालिबानी झंडा है जो उसे लगाने पर पुलिस व्यापारियों को हिरासत में ले रही है? उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए शासन-प्रशासन के रवैये की निंदा की.
बाजार में तनाव और पुलिस का हस्तक्षेप
झंडे लगाए जाने का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, बीजेपी समर्थकों और सपा कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान शुरू हो गई. सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला. व्यापारियों के हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही सपा खेमे में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया. फिलहाल, बाजार में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और व्यापारी अपने 'अस्तित्व' को बचाने की गुहार लगा रहे हैं.
उस्मान चौधरी