सीएम योगी आदित्यनाथ के 'कालनेमि' वाले बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि योगी बताएं कि वो कौन है जो साधु-संत के रूप में धर्म विरोधी कार्य कर रहा है, कौन है जो सनातन विरोधी कार्य कर रहा है... मुख्यमंत्री बताएं कि आखिर 'कालनेमि' कौन है. उनके नाम तो बताएं, तब हम जानें. उनका इशारा किस तरफ है, ये वही जानें, लेकिन बात उन्होंने एकदम सही कही कि धर्म की आड़ में जो अधर्म कर रहे हैं वो 'कालनेमि' से कम नहीं हैं.
आपको बता दें कि प्रयागराज माघ मेला में 'शंकराचार्य विवाद' के बीच सीएम योगी ने गुरुवार ने धर्म, राष्ट्र और सनातन पर तीखा और स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि आज के समय में धर्म की आड़ लेकर सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं. ऐसे लोगों से समाज को सतर्क रहने की जरूरत है. सीएम ने ऐसे तत्वों को 'कालनेमि' बताते हुए कहा कि ये लोग बाहर से धार्मिक दिखते हैं, लेकिन भीतर से धर्मविरोधी एजेंडे पर काम करते हैं.
यूपी के सीएम ने स्पष्ट किया कि एक संत के लिए धर्म और राष्ट्र ही सर्वोच्च संपत्ति और स्वाभिमान हैं. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति धर्म के विरुद्ध आचरण करता है, वह सनातन परंपरा का प्रतिनिधि नहीं हो सकता.
गौरतलब है कि सीएम योगी ने रामायण के 'कालनेमि' प्रसंग का जिक्र करते हुए उन लोगों पर निशाना साधा जो साधु का वेश धरकर समाज को भ्रमित करते हैं और राष्ट्रहित के कार्यों में बाधा डालते हैं. उन्होंने जोर दिया कि धर्म केवल दिखावे या शब्दों में नहीं, बल्कि पवित्र आचरण में होना चाहिए. सीएम ने लोगों से अपील की कि वे धर्म के नाम पर पाखंड करने वालों से सावधान रहें और सत्य व संयम के मार्ग पर चलें, क्योंकि यही सनातन की सच्ची सेवा है. हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया.
संतोष शर्मा