नोएडा सेक्टर 150 में डूबकर एक इंजीनियर की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम होते तो यह हादसा टल सकता था.
इस मामले में नोएडा अथॉरिटी का पक्ष जानने के लिए जब अधिकारियों से सवाल किए गए, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका. नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने केवल इतना कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में एक जूनियर इंजीनियर (JE) की लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर टीम भेजकर यह जांच कराई जा रही है कि वहां रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा संकेत मौजूद थे या नहीं.
एसीईओ सतीश पाल ने यह भी कहा कि अगर पहले किसी प्रकार की शिकायत या आवेदन आया था और उस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इसकी भी जांच कराई जाएगी. जांच के दौरान यदि और तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
सवाल टाल गए अधिकारी
वहीं, मौके पर नोएडा अथॉरिटी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के सफाई प्रभारी राजेश कुमार अपनी टीम के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे. जब उनसे इस घटना को लेकर सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा कि उनका काम नालों और सड़कों की सफाई से जुड़ा है और वे उसी का निरीक्षण करने आए हैं. बाकी सवालों के जवाब संबंधित अधिकारी देंगे.
घटना के बाद देर शाम एसडीएम सदर गौतमबुद्ध नगर ने भी मौके का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. फिलहाल वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सुरक्षा से जुड़े जो भी जरूरी कदम होंगे, उन्हें उठाया जाएगा.
इस घटना के बाद प्रशासन और नोएडा अथॉरिटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.
भूपेन्द्र चौधरी