सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए ढाई से 3 किलोमीटर चलना होगा पैदल, 5 से 6 घंटे का लगेगा वक्त

इस बार सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को पड़ रहा है और बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी नगरी पूरी तरह तैयार है. इस बार श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए करीब ढाई से तीन किलोमीटर तक पैदल चलना होगा. पांच से छह घंटे तक इंतजार भी करना पड़ सकता है. अनुमान है कि सावन के इस पावन महीने में करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगाएंगे.

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काशी विश्वनाथ मंदिर. (File) काशी विश्वनाथ मंदिर. (File)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 09 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST

इस बार सावन की शुरूआत 11 जुलाई से हो रही है. वहीं सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को पड़ रहा है. सावन के पावन महीने में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार में डेढ करोड़ तक भक्त आ सकते हैं. इसको लेकर तैयारियां हो चुकी हैं. बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भक्तों को घंटों का इंतजार करना पड़ सकता है. वहीं ढाई से तीन किलोमीटर तक चलना होगा. यहां स्टील की बैरिकेडिंग की जा रही है, जिससे होकर शिवभक्तों को विश्वनाथ धाम में एंट्री मिलेगी.

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इसी के साथ गंगा द्वार से आने वाले श्रद्धालुओं को ढाई किलोमीटर तो दशाश्वमेध घाट से आने पर तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा. बाबा के दरबार तक पहुंचने में घंटों तक का समय लगेगा. सावन को लेकर विश्वनाथ धाम में एंड टू एंड बैरिकेडिंग, जर्मन हैंगर, मिस्ट फैन, गुड़-पानी, ग्लूकोज, ORS, सूक्ष्म जलपान और बच्चों के लिए चाॅकलेज-टाॅफी की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा सभी प्रकार के VIP दर्शन, विशेष दर्शन और स्पर्श दर्शन पर भी पूरे माह रोक रहेगी, ताकि आम श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो. आरती के टिकट बुकिंग फुल हो चुके हैं.

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सावन के सोमवार को सुगम दर्शन पूरी तरह से रुका रहेगा. इसके अलावा भीड़ को देखते हुए सुगम दर्शन पर निर्णय लिया जाएगा और सावन में लॉकर की भी सुविधा बंद रहेगी. मंदिर में बैरिकेडिंग के सहारे ही एंट्री मिलेगी. श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग दो किलोमीटर से अधिक पैदल चलना पड़ेगा और धाम में पहुंचने पर जिगजैग बैरिकेडिंग से होकर गुजरना पडेगा.

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श्रद्धालुओं को मंदिर में गेट नंबर चार, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढीराज प्रवेश मार्ग और सरस्वती फाटक से एंट्री दी जाएगी. बाढ़ के चलते ललिता घाट से प्रवेश पर रोक रहेगी. इसके अलावा मंदिर प्रशासन की तरफ से मंदिर में 5 स्थानों पर डाॅक्टरों की टीम मौजूद रहेगी. वहीं दो एंबुलेंस भी तैनात की जाएंगी. इसमें एक में लाइफ सपोर्ट सिस्टम भी रहेगा.

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