बरेली की 'लेडी सिंघम' अंशिका वर्मा संग शादी रचाएंगे संभल के 'दबंग' SP केके बिश्नोई, राजस्थान में सात फेरे लेगी यह जांबाज IPS जोड़ी; जानिए दोनों की कहानी

यूपी कैडर के दो जांबाज आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा और कृष्ण कुमार बिश्नोई जल्द ही वैवाहिक बंधन में बंधने जा रहे हैं. अपनी सख्त कार्यशैली और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मशहूर यह जोड़ी 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेगी, जिसकी तैयारियां अब जोर-शोर से शुरू हो गई हैं.

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आईपीएस केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा (File Photo) आईपीएस केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा (File Photo)

कृष्ण गोपाल राज / अभिनव माथुर

  • बरेली/संभल ,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित आईपीएस जोड़ी अंशिका वर्मा और कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में शादी कर रहे हैं. संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा की शादी की तारीख, हल्दी, संगीत और मेहंदी की रस्में तय हो चुकी हैं. दोनों अधिकारी अपनी बेहतरीन कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहे हैं. इस बार उनकी चर्चा का कारण बेहद निजी और सुखद है. मूल रूप से राजस्थान और प्रयागराज के रहने वाले इन दोनों अफसरों ने अपने शानदार करियर के बीच अब साथ जीवन बिताने का फैसला किया है.

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2018 बैच के अफसर हैं केके विश्नोई

2018 बैच के आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले हैं. वर्तमान में वह संभल जिले में एसपी के पद पर तैनात हैं. संभल में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है. उनके द्वारा किए गए साहसिक कार्यों और प्रशासनिक सूझबूझ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें सम्मानित किया है. केके बिश्नोई को 2024 में गोरखपुर से संभल भेजा गया था, जहां उन्होंने आते ही अपनी कार्यशैली से छाप छोड़ी.

बरेली में 'लेडी सिंघम' के नाम से मशहूर अंशिका

आईपीएस अंशिका वर्मा वर्तमान में बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात हैं. 2018 बैच की यह अफसर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की मूल निवासी हैं और उनकी शुरुआती शिक्षा भी वहीं हुई है. बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने एनडीपीएस, हत्या और कई चुनौतीपूर्ण मामलों को बेहद कम समय में हल किया है. अपने कड़े फैसलों के कारण वह हमेशा चर्चा में रहती हैं. उनकी कार्यक्षमता की सराहना प्रदेश सरकार भी कर चुकी है. वह संवेदनशील मामलों को सुलझाने में माहिर मानी जाती हैं.

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संभल हिंसा पर 2 घंटे में पाया था काबू

केके बिश्नोई ने संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा पर मात्र 2 घंटे के भीतर नियंत्रण पा लिया था. उन्होंने संभल को जलने से बचाया और सख्त कार्रवाई करते हुए सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत ढाई हजार अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया. इसके अलावा, उन्होंने बिजली चोरी के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया, जहां मस्जिद के भीतर अवैध पावर हाउस चलता मिला था.इस कार्रवाई का जिक्र खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में किया था.

वीरांगना यूनिट के गठन से मिली पहचान

अंशिका वर्मा ने साल 2025 में उत्तर प्रदेश की पहली 'वीरांगना यूनिट' का गठन किया, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया. इस यूनिट में महिला कमांडो को ताइक्वांडो और दंगों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है, ताकि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाई जा सके. इसके अलावा उन्होंने बरेली के मदरसा में चल रहे लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसे बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर सुर्खियां बटोरी थीं. अपराधियों को जेल भेजने के मामले में उनका रिकॉर्ड काफी सख्त रहा है.

माफियाओं और घोटालेबाजों पर कसा शिकंजा

संभल एसपी केके बिश्नोई ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के बीमा घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 69 से ज्यादा माफियाओं को सलाखें के पीछे भेजा. उन्होंने संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा गैंग पर भी बड़ी कार्रवाई की और गैंग के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया. वहीं, अंशिका वर्मा ने भी बरेली के देहात क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण आपराधिक गुत्थियों को सुलझाकर अपराधियों के मन में खौफ पैदा किया है.अब यह दोनों दमदार अधिकारी जोधपुर में एक नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं.

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