उत्तर प्रदेश के संभल में अलविदा जुमा और ईद-उल-फितर के त्योहार को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने पीस कमेटी की बैठक में सख्त निर्देश जारी किए हैं. ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन या काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने की आशंका को देखते हुए यह बैठक बुलाई गई थी. सीओ ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश के समर्थन या विरोध में नारेबाजी बर्दाश्त नहीं होगी. साथ ही, उन्होंने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए चेतावनी दी कि उल्लंघन करने वालों को जेल भेजा जाएगा और सोशल मीडिया पर रील बनाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.
'ईरान की चिंता है तो जहाज पकड़ो और वहीं जाओ'
पीस कमेटी की बैठक में सीओ ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान और इजरायल के झगड़े में जिसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, वह जहाज में बैठकर ईरान चला जाए और वहीं से लड़ाई लड़े.
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि दो देशों के आपसी विवाद का असर अगर भारत की कानून व्यवस्था पर पड़ा, तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी. सीओ ने कहा कि अलविदा जुमा की नमाज के दौरान किसी भी देश के विरोध में नारेबाजी या काली पट्टी बांधकर विरोध जताना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सड़कों पर नमाज पढ़ने पर जेल और 'रील' की जगह बनेगी 'रेल'
सड़कों पर नमाज न पढ़ने की हिदायत देते हुए सीओ ने कहा कि मस्जिद के बाहर एक भी व्यक्ति सड़क पर नमाज नहीं पढ़ेगा. अगर कोई कानून व्यवस्था को पलीता लगाने की कोशिश करेगा, तो उसे मुकदमा लिखकर जेल भेजा जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट या स्टंट करने वालों को भी चेताया कि अगर किसी ने झूठी प्रसिद्धि पाने के लिए 'रील' बनाई, तो पुलिस उसकी 'रेल' बना देगी. किसी भी सार्वजनिक स्थल या मस्जिद के बाहर नमाज की अनुमति नहीं होगी.
शांति के त्योहार में कड़वाहट घोलने वालों का होगा 'इलाज'
सीओ ने बैठक में मौजूद लोगों से कहा कि ईद प्यार, सौहार्द और मीठी सिवई का त्योहार है, लेकिन कुछ लोग इसकी मिठास में कड़वाहट घोलने का प्रयास करते हैं. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पुलिस वहां तक 'इलाज' करती है जहां पोस्टर छपते हैं और स्लोगन लिखे जाते हैं. उन्होंने सभी से अपील की कि किसी को भी माहौल खराब करने का मौका न दें, वरना पुलिस की कार्रवाई बहुत सख्त होगी.
अभिनव माथुर