राजकुमार भाटी के बयान से सपा में घमासान! विधायक संतोष पांडे बोले- 'वो स्वामी प्रसाद की राह पर, अंजाम पता ही होगा'

सपा विधायक संतोष पांडे, कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और भाजपा ने भाटी के बयान को ओछा व अपमानजनक बताते हुए मोर्चा खोल दिया है. भाटी के माफी मांगने के बावजूद उन्हें पार्टी से निकालने और कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही है. इस विवाद ने सपा के भीतर ही मतभेद उजागर कर दिए हैं.

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समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता राजकुमार भाटी (Photo- ITG) समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता राजकुमार भाटी (Photo- ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:44 PM IST

समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मणों को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी. जिसके बाद उनके खिलाफ बीजेपी के साथ-साथ अपनों ने भी मोर्चा खोल दिया है. लम्‍भुआ से सपा विधायक संतोष पांडे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राजकुमार भाटी जैसे व्यक्तियों द्वारा दिए गए अनुशासनहीन और गैर-जिम्मेदाराना बयान पार्टी की विचारधारा तथा उसकी छवि को गंभीर रूप से आहत करते हैं. वहीं, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने अखिलेश यादव से भाटी को पार्टी से बाहर करने की मांग की है.                  

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आपको बता दें कि सपा नेता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी से पार्टी के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है. विधायक संतोष पांडे राजकुमार भाटी के अमर्यादित बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव हमेशा ब्राह्मण समाज का सम्मान करते आए हैं, लेकिन भाटी की ओछी टिप्पणी ने पूरे समाज की भावनाओं को आहत किया है.

पांडे ने तुलना करते हुए कहा कि भाटी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं लग रहा और वे जातीय वैमनस्य फैलाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के पदचिह्नों पर चल रहे हैं. हालांकि भाटी ने माफी मांग ली है, लेकिन उन्हें भविष्य में संयम बरतने की चेतावनी दी गई है ताकि पार्टी की छवि को नुकसान न पहुंचे. बयान में स्पष्ट किया गया कि ऐसी अनुशासनहीनता सामाजिक सौहार्द के विरुद्ध है, जबकि ब्राह्मण समाज अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्पित है.

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वहीं, बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिया गया बयान अमर्यादित और ओछा है. यह केवल एक व्यक्ति का बयान नहीं बल्कि सपा के 'डीएनए' और उनकी 'बांटो और राज करो' की दूषित मानसिकता का प्रमाण है, जो दशकों से उत्तर प्रदेश की सामाजिक एकता को खंडित करने का प्रयास कर रही है.
भाजपा 'सबका साथ-सबका विकास' के सिद्धांत के साथ सभी जातियों को सम्मान देने का काम करती है. हम समाज को बांटने वाली इन विघटनकारी शक्तियों के मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देंगे.

अजय राय ने भी राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए कहा कि महज माफी मांगना पर्याप्त नहीं है. उन्होंने अखिलेश यादव से भाटी को पार्टी से निकालने और सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की. इसके साथ ही, राय ने प्रतीक यादव के निधन को दुखद बताया और सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की अपील की ताकि मौत की सही वजह सामने आ सके और आशंकाएं दूर हों.

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