सलीम अटैक केस: जीशान-गुलफाम के एनकाउंटर पर छलका पिता का दर्द, बोले- ‘जेल भेजते तो बेहतर होता’

गाजियाबाद पुलिस ने यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला करने वाले दो सगे भाइयों, जीशान और गुलफाम को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया है. अमरोहा निवासी दोनों आरोपी फरार चल रहे थे. पोस्टमार्टम के बाद उनके पिता बुनियाद अली ने शव प्राप्त किए। गुलफाम शादीशुदा था, जबकि जीशान अविवाहित था.

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सलीम पर हमला करने वाले दोनों सगे भाई एनकाउंटर में ढेर (Photo- Screengrab) सलीम पर हमला करने वाले दोनों सगे भाई एनकाउंटर में ढेर (Photo- Screengrab)

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद ,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:43 PM IST

गाजियाबाद के लोनी में यूट्यूबर और टीवी पैनलिस्ट सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया है. 1 मार्च को लोनी थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ में हमलावर छोटे भाई जीशान की मौत हो गई थी, जबकि 3 मार्च की रात हुई एक और मुठभेड़ में बड़े भाई गुलफाम को भी पुलिस ने ढेर कर दिया. पुलिस के अनुसार, दोनों भाई सलीम वास्तिक पर हुए हमले में शामिल थे और लगातार फरार चल रहे थे. पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद घेराबंदी की गई, जहां मुठभेड़ के दौरान दोनों अलग-अलग घटनाओं में मारे गए. अब उनकी मौत पर पिता का बयान सामने आया है. 

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दरअसल, बीते बुधवार को गुलफाम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. सूचना मिलने पर मृतकों के पिता बुनियाद अली पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव सुपुर्दगी में लेने की प्रक्रिया पूरी की. मृतक गुलफाम और जीशान के पिता ने बताया कि वे अमरोहा जिले के रहने वाले हैं. उनके अनुसार, गुलफाम शादीशुदा था और दो छोटे बच्चों का पिता था, जबकि उनका छोटा बेटा जीशान अविवाहित था. 

पिता ने कहा कि दोनों बेटे लकड़ी (कारपेंटर) का काम करते थे और फिलहाल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रह रहे थे. अमरोहा स्थित घर पर उनका आना-जाना लगा रहता था. बुनियाद अली का कहना है कि उन्हें कभी इस बात का अंदेशा नहीं था कि उनके बेटे इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकते हैं. 

उन्होंने कहा, “हमारे परिवार में पहले कभी कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा. ” हालांकि उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सीधे कोई सवाल नहीं उठाए, लेकिन यह जरूर कहा कि अगर दोनों बेटों को मुठभेड़ में मारने के बजाय गिरफ्तार कर जेल भेजा जाता तो अदालत उनका फैसला करती. बुनियाद अली ने स्पष्ट किया कि इस घटना में उनके दोनों बेटों के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य शामिल नहीं है.  

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