'रो मत, मैं तुम्हारे साथ हूं, इंसाफ होगा', अस्पताल पहुंचे MP चंद्रशेखर आजाद ने घायलों से की बातचीत, पुलिस-प्रशासन पर साधा निशाना

सहारनपुर के देवबंद के लालवाला गांव में जमीन विवाद के बाद हुई हिंसा के घायलों से मिलने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद जिला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने इलाज में लापरवाही और पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया. सांसद ने निष्पक्ष जांच, सही मेडिकल और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय नहीं मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी.

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निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग.(Photo: Rahul Kumar/ITG) निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग.(Photo: Rahul Kumar/ITG)

राहुल कुमार

  • सहारनपुर,
  • 10 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:23 PM IST

सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में जमीन विवाद के बाद भड़की हिंसा का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. पथराव और मारपीट में घायल हुए लोगों से मिलने रविवार को नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद जिला अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में भर्ती महिला और पुरुष घायलों से बातचीत के दौरान उन्होंने इलाज में लापरवाही और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए. सांसद ने कहा कि घटना में 20 से 30 लोग घायल हुए हैं, लेकिन पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

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इस पूरे घटनाक्रम से पहले रविवार सुबह सहारनपुर के कस्बा छुटमलपुर स्थित सांसद चंद्रशेखर आजाद के आवास को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. भारी पुलिस फोर्स तैनात कर सांसद और उनके कार्यकर्ताओं को हाउस रेस्ट कर लिया गया था. दरअसल 9 तारीख को सांसद ने ऐलान किया था कि वह 10 तारीख को गांव लालवाला पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे. इसी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया.

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हालांकि सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे और पीड़ितों से मिलने की जिद नहीं छोड़ी. काफी देर तक चली बातचीत के बाद आखिरकार पुलिस को झुकना पड़ा और कड़ी सुरक्षा के बीच सांसद को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की.

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इलाज में लापरवाही और मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल

घायलों और परिजनों ने सांसद को बताया कि कई लोगों को इलाज के बजाय सोमवार को आने की बात कहकर वापस भेज दिया गया. कुछ गंभीर घायलों के सिर, हाथ और आंखों के पास चोट होने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट में उनका सही उल्लेख नहीं किया गया. इस पर सांसद ने अस्पताल में डॉक्टरों को बुलाकर नाराजगी जताई और कहा कि सत्ता के दबाव में पीड़ितों का सही इलाज नहीं किया जा रहा.

उन्होंने कहा कि डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है, ऐसे में घायल लोगों के साथ लापरवाही बेहद चिंताजनक है. सांसद ने घायलों की रिपोर्ट फाइल और सीटी स्कैन चेक करते हुए डॉक्टरों को फटकार लगाई. जानकारी के अनुसार, सांसद के आने की सूचना मिलते ही एक घंटे पहले सीटी स्कैन कराया गया, जबकि घायल 24 घंटे पहले से अस्पताल में भर्ती थे.

घायलों से बातचीत के दौरान एक महिला अपना दर्द बताते हुए रो पड़ी, जिस पर सांसद ने उसके आंसू पोंछते हुए कहा, 'रो मत, मैं तुम्हारे साथ हूं, इंसाफ होगा'.

जमीन विवाद और पुलिस पर गंभीर आरोप

घायल सुरेंद्र कुमार ने बताया कि छह बीघा पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और दूसरे पक्ष ने कब्जा कर रखा है. जब कागज दिखाने की बात कही गई तो विवाद बढ़ गया. उनका आरोप है कि मौके पर पुलिस ने दूसरे पक्ष का साथ दिया, महिलाओं पर लाठीचार्ज किया और फायरिंग के बीच कई लोग घायल हो गए.

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सुरेंद्र के अनुसार, गांव में करीब 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, लेकिन कई लोग मुकदमे के डर से सामने नहीं आ रहे. उनका कहना है कि विवादित जमीन उनके चाचा नरेश के नाम है और वे रुड़की में रहते हैं. जमीन पर करीब दो साल से कब्जा बताया जा रहा है. जब कब्जाधारियों से कागज मांगे गए तो वे दस्तावेज नहीं दिखा सके.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के साथ मिलकर लाठीचार्ज और फायरिंग की गई, जिसमें महिलाओं पर भी डंडे बरसाए गए और कई लोग घायल हुए.

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पुलिस को पहले से विवाद की सूचना थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों को डराया जा रहा है कि मेडिकल कराने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाएगा.

सांसद ने निष्पक्ष जांच, घायलों का सही मेडिकल, निर्दोष लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि यह स्थिति न्याय को रोकने वाली प्रतीत होती है और यह बेहद चिंताजनक है.

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी बड़ा आंदोलन करेगी और इसका खामियाजा प्रशासन को भुगतना पड़ेगा. सांसद ने कहा कि विवादित जमीन की जांच के लिए कमेटी बननी चाहिए और जिसकी जमीन हो, उसे कागज सौंपे जाएं. उन्होंने कहा कि निर्दोष लोग जेल नहीं जाने चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

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