'ये हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते है, बस हमें...', हिंदुओं में फूट पर मोहन भागवत का बड़ा बयान

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मथुरा में हिंदू समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि हिंदुओं में फूट के कारण ही पराजय होती है. उन्होंने कहा कि भारत के पास भक्ति से मिली अमृत्व की शक्ति है. असुरी या राक्षसी शक्तियां उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं, लेकिन तैयारी की कमी के कारण समस्याएं आती हैं.

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मोहन भागवत ने भेदभाव मुक्त भारत की बात करते हुए सभी हिंदुओं को एकजुट रहने का आह्वान किया. (Photo: ANI) मोहन भागवत ने भेदभाव मुक्त भारत की बात करते हुए सभी हिंदुओं को एकजुट रहने का आह्वान किया. (Photo: ANI)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा है कि हिंदुओं में फूट के कारण ही पराजय होती है. उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'शक्ति दुर्बलों को प्रताड़ित करती है. जो दुर्बल हैं उन्हें और सताती है और शक्ति हो तो पूरी दुनिया को सताती है. लेकिन भारत के सामने ऐसा नहीं है. हमारे पास अमृत्व की शक्ति है.'

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मोहन भागवत ने कहा, 'ये शक्तियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं. लेकिन अभी हमें जैसा होना चाहिए वैसी तैयारी नहीं है.' उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, 'आक्रमणकारियों और सुल्तानों के अत्याचारों के बीच हमने बलिदान देकर अपनी शक्ति को बचाकर रखा. यह शक्ति हमें भक्ति से मिली है और वह शक्ति हमेशा अपना काम करती है.'

'पराजय हुई तो फूट के कारण हुई'

संघ प्रमुख ने कहा, 'जैसे-जैसे हिंदू समाज और सनातनी समाज एक होता जाएगा, वैसे-वैसे असुरी शक्तियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगी. तैयारी की कमी के कारण हमारे कार्य रुकते हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'पराजय हुई तो फूट के कारण हुई. जैसे-जैसे हिंदू एक होते गए, वैसे-वैसे इनके टुकड़े-टुकड़े होते जाएंगे.'

वर्तमान परिस्थितियों पर बोलते हुए भागवत ने कहा, 'परिस्थिति तब तक ही दिखती है जब तक हम उससे डरते हैं या पीछे हटते हैं. अगर हम खड़े हो गए तो दुनिया में कोई ऐसी शक्ति नहीं है जो हमारे सामने टिक सके.' उन्होंने यह भी कहा, 'ऐसी कोई बात या परिस्थिति नहीं है जिस पर हम विजय नहीं पा सकते. बस हमें जागने और दो कदम आगे बढ़ने की जरूरत है.'

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'राक्षसी शक्तियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं'

उन्होंने राक्षसी शक्तियों का जिक्र करते हुए कहा, 'हमने पहले भी देखा है, ये हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं. हम तैयार नहीं हुए, इसलिए ये नाच रही थीं. ये अब खोखली हो चुकी हैं. पूरी दुनिया में हार चुकी हैं. ये अपने आप खत्म हो जाएंगी. जैसे-जैसे हम एक होते जाएंगे, ये टूटती जाएंगी. पिछले 50 साल में जैसे-जैसे सनातन और हिंदू एक होता गया, इनके टुकड़े होते गए.'

'पूरा हिंदू समाज एक है'

आरएसएस प्रमुख ने भेदभाव मुक्त भारत की बात कही. उन्होंने कहा, 'किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. हम जहां रहते हैं, वहां जो समाज रहता है, उसे हम एक मानते हैं. पूरा हिंदू समाज एक है, लेकिन दुनिया भाषा, जाति, पंथ और संप्रदाय के आधार पर भेद करती है.' 

उन्होंने आगे कहा, 'दुनिया हिंदुओं के जितने प्रकार मानती है, उतने प्रकार के हिंदुओं में मेरे अपने मित्र होने चाहिए. आना-जाना, खाना-पीना, सुख-दुख में साथ रहना और मित्रों जैसा व्यवहार होना चाहिए.'

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