अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: 'तेरे हिस्से के मच्छर मुझे काटते हैं', मच्छरदानी को लेकर आपस में भिड़े रूममेट्स

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एसएस नॉर्थ हॉल में मच्छरदानी लगाने को लेकर दो छात्रों के बीच अजीबोगरीब विवाद हो गया. गाजीपुर के छात्र ने कश्मीरी रूममेट पर आरोप लगाया कि मच्छरदानी की वजह से सारे मच्छर उसे काट रहे हैं और कूलर की हवा भी रुक रही है, जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया.

Advertisement
एएमयू में मच्छरदानी को लेकर विवाद (सांकेतिक फोटो) एएमयू में मच्छरदानी को लेकर विवाद (सांकेतिक फोटो)

शिवम सारस्वत / अकरम खान

  • अलीगढ़ ,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एसएस नॉर्थ हॉल में ग्रेजुएशन के दो छात्रों के बीच मच्छरदानी लगाने पर हिंसक झड़प हुई. बीए सेकंड ईयर और थर्ड ईयर के इन रूममेट्स के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब कश्मीरी छात्र ने अपने बेड पर मच्छरदानी लगा ली. गाजीपुर निवासी रूममेट ने दावा किया कि इससे कूलर की हवा रुक गई और कमरे के सारे मच्छर उसे काटने लगे. बहस ने मारपीट का रूप ले लिया और दोनों छात्रों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रॉक्टर ऑफिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसकी अब विश्वविद्यालय प्रशासन जांच कर रहा है.

Advertisement

मच्छरदानी बनी विवाद की जड़

इस अनोखे विवाद की शुरुआत तब हुई जब एसएस नॉर्थ हॉल के एक कमरे में रहने वाले कश्मीरी छात्र ने मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी लगाई. उसके रूममेट, जो गाजीपुर का रहने वाला है, को यह बात नागवार गुजरी. उसका तर्क बेहद हैरान करने वाला था. उसने आरोप लगाया कि मच्छरदानी लगने के कारण मच्छर उसके पास ज्यादा आ रहे हैं. छात्र का कहना था, 'तेरे हिस्से के मच्छर भी अब मुझे ही काटते हैं.'

हवा रोकने और मारपीट का आरोप

बात सिर्फ मच्छरों तक सीमित नहीं रही. गाजीपुर के छात्र ने दूसरा आरोप यह लगाया कि मच्छरदानी की वजह से कमरे में लगे कूलर की हवा उस तक नहीं पहुंच पा रही है. इन्हीं छोटी-छोटी शिकायतों ने बड़े झगड़े का रूप ले लिया. देखते ही देखते दोनों छात्रों के बीच कहासुनी गाली-गलौज और फिर हाथापाई में बदल गई. दोनों ही छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे, जिससे हॉस्टल का माहौल गरमा गया.

Advertisement

प्रॉक्टर ऑफिस तक पहुंचा मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों छात्रों ने प्रॉक्टर कार्यालय में शिकायत की. एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर नावेद अली खान ने बताया कि यह घटना ग्रेजुएशन सेकंड ईयर और थर्ड ईयर के छात्रों के बीच हुई है. उन्होंने कहा कि बच्चों को समझा-बुझाकर मामला सुलझाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी ने भी कानून को अपने हाथ में लिया है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement