Uttar Pradesh News: मऊ जिले की सदर विधानसभा सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी गुरुवार को परदह ब्लॉक क्षेत्र में स्थित इटौरा गांव पहुंचे थे. यहां उन्होंने अपनी विधायक निधि द्वारा निर्मित एक इंटरलॉकिंग सड़क का उद्घाटन किया. समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अब्बास अंसारी के साथ मऊ के सपा जिला अध्यक्ष सहित करीब-करीब सभी स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे. बिना किसी अदालती रोक-टोक के अपने क्षेत्र के विकास कार्यों का लोकार्पण करने आए विधायक ने इस दौरान खुलेआम सपा का मंच साझा किया और आगामी राजनीतिक रणनीति पर बातचीत की.
2027 चुनाव की रणनीति पर अखिलेश यादव का हवाला
'आज तक' की टीम ने जब अब्बास अंसारी से आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति और सपा संग मंच साझा करने को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया. अब्बास ने कहा कि इस बारे में तो सिर्फ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही बता सकते हैं और वह खुद इस पर उत्तर देने के लिए अधिकृत नहीं हैं.
'कॉकरोच जनता पार्टी' से चुनाव लड़ने का मजेदार तंज
भविष्य के चुनाव पर चुटकी लेते हुए अब्बास अंसारी ने मजाकिया लहजे में कहा कि चुनाव अभी बहुत दूर है. आजकल तो 'कॉकरोच पार्टी' की बहुत चर्चा चल रही है और अगर उसका सिंबल मिल गया, तो उसी से चुनाव लड़ लिया जाएगा. उन्होंने आगे हंसते हुए कहा कि आजकल चर्चा में चल रही कॉकरोच जनता पार्टी का अगर जिले में कहीं कार्यालय खुला हो तो ले चलो, वह पार्टी जॉइन कर लेंगे.
आखिरी सांस तक जनता की हिफाजत का वादा
जनता के बीच लौटने की खुशी पर अब्बास ने कहा कि डिक्शनरी में ऐसा कोई लफ्ज नहीं है जिससे वह इस अहसास को बयां कर सकें. धूप में लोगों का प्यार और चेहरे की मुस्कान ही सब बयां करती है. उन्होंने भावुक होकर कहा कि शरीर में जब तक खून की बूंद और सांसें चल रही हैं, वह अपनी अवाम के सुख-दुख में रहकर उनके मान-सम्मान की हिफाजत करेंगे.
विरोधियों पर बरसे
सदर विधायक अब्बास अंसारी ने विरोधियों की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता ने 2024 में जवाब दिया था और 2027 के चुनाव में भी खुद जवाब दे देगी. विकास का श्रेय लेने की होड़ पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी ने अपनी जमीन बेचकर विकास किया है? यह जनता के टैक्स का ही पैसा है. अब्बास ने दावा किया कि उन्होंने अपनी जमीन पर 18 गांव बसाए हैं. उन्होंने तंज कसा कि जनता चिकनी-चुपड़ी बातों और जाति-धर्म के चक्कर में तीसरी बार बहकावे में नहीं आएगी; लोकतंत्र के मौसम में जनता के आशीर्वाद से ही सही फैसला होगा.
दुर्गा किंकर सिंह