आंखों देखी: सड़क पर संग्राम और जनता से संवाद, क्या राहुल गांधी ने फूंक दिया UP चुनाव का बिगुल?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने रायबरेली दौरे के दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. राहुल ने चेतावनी दी कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण जल्द ही यूपी की जनता के लिए 'महंगाई का बड़ा विस्फोट' होने वाला है, जिसके खिलाफ कांग्रेस सड़क पर उतरेगी.

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रायबरेली में महिलाओं का दर्द सुन भावुक हुए राहुल गांधी (Photo-ITG) रायबरेली में महिलाओं का दर्द सुन भावुक हुए राहुल गांधी (Photo-ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • रायबरेली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:09 AM IST

तपती धूप, हवा में उड़ती धूल और चारों तरफ 'राहुल-राहुल' के नारों की गूंज. मंगलवार को रायबरेली की सड़कों पर जो नजारा था, उसे देखकर साफ लग रहा था कि यह सिर्फ एक सांसद का अपने क्षेत्र का सामान्य दौरा नहीं है. इसे आप उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के शंखनाद की तरह देख सकते हैं.

आज सुबह से ही मैं रायबरेली के अलग-अलग इलाकों में मौजूद था, और जो मैंने अपनी आंखों से देखा, वो कांग्रेस के एक नए तेवर और आक्रामक चुनावी रणनीति की कहानी बयां करता है.

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राहुल गांधी के इस दौरे में सिर्फ संवाद नहीं था, बल्कि सीधे लखनऊ और दिल्ली की सत्ता पर तीखा हमला था. खासकर महंगाई के मुद्दे पर राहुल आज बेहद तल्ख तेवर में नजर आए.

कार्यकर्ताओं में 'चार्ज्ड-अप' जोश
सुबह जब राहुल गांधी का काफिला रायबरेली की सीमा में दाखिल हुआ, तो कार्यकर्ताओं का हुजूम सड़कों पर उमड़ पड़ा. झंडे और हर तरफ नारों की गूंज. मैंने कई पुराने कांग्रेसियों से बात की, उनके चेहरों पर एक लंबा वनवास खत्म होने जैसी चमक थी. राहुल अपनी गाड़ी से बाहर निकले, सुरक्षा घेरे को दरकिनार किया और सीधे जनता के बीच पहुंच गए.

कार्यकर्ताओं से हाथ मिलाते और उनके कंधे पर हाथ रखते हुए राहुल ने साफ कर दिया कि अब कांग्रेस बैकफुट पर नहीं, बल्कि फ्रंटफुट पर खेलेगी. संगठन में एक नई ऊर्जा फूंकने का यह प्रयास साफ दिखाई दे रहा था.

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आधी आबादी से सीधा संवाद:

"भैया, हमारी बात सुनिए...", दौरे का सबसे भावुक और जमीनी हिस्सा वो था जब राहुल गांधी महिलाओं के बीच पहुंचे. एक जगह पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने उन्हें घेर लिया. राहुल बिना किसी तामझाम के आम लोगों की तरह मिले. महिलाओं ने रुंधे गले से राहुल को बताया कि कैसे रसोई चलाना दूभर हो गया है. दाल, तेल और गैस के दामों ने आम परिवार की कमर तोड़ दी है.

राहुल ने किसी बड़े नेता की तरह लंबा-चौड़ा भाषण देने के बजाय एक भाई और बेटे की तरह उनकी बातें सुनीं, अपनी डायरी में नोट कीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी यह आवाज अब दबने नहीं दी जाएगी.

दौरे के दौरान पत्रकारों और जनता से बात करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए एक बड़ा और गंभीर दावा कर दिया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है.

राहुल गांधी का सरकार पर हमला
राहुल ने कहा, "बीजेपी सरकार की गलत नीतियों के कारण आज हर आम परिवार त्रस्त है. लेकिन याद रखिए, यह तो सिर्फ शुरुआत है. जिस तरह की नीतियां ये सरकार ला रही है, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए 'महंगाई का एक बहुत बड़ा विस्फोट' होने वाला है. बिजली के दाम, रोजमर्रा की चीजें और टैक्स का बोझ आम जनता को कुचलने के लिए तैयार किया जा रहा है. बीजेपी बड़े उद्योगपतियों की जेब भर रही है और इसका हर्जाना यूपी की गरीब जनता को भुगतना पड़ेगा."

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राहुल का यह 'महंगाई के विस्फोट' वाला बयान सीधे तौर पर मध्यवर्ग और गरीब तबके के दिलों को छू गया. उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और इस आर्थिक अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन खड़ा करेगी.

2027 की चुनावी बिसात
राहुल के दो दिवसीय दौरे का एजेंडा सिर्फ रायबरेली का विकास नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को बूथ स्तर पर खड़ा करना था. राहुल का मैसेज साफ है लोकसभा के नतीजों से जो उम्मीद जागी है, उसे जमीन पर तब्दील करना है. हर गांव, हर बूथ पर जाइए और लोगों को बताइए कि बीजेपी कैसे उनकी जेब काट रही है.

लोकसभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को यूपी में जो संजीवनी दी है, राहुल गांधी उसे अब एक बड़े जनांदोलन में बदलना चाहते हैं. आज रायबरेली की जमीन पर जिस तरह से महंगाई, बेरोजगारी और आम जनता के बुनियादी मुद्दों को उछाला गया, उससे साफ है कि कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछानी शुरू कर दी है. राहुल का यह आक्रामक रूप बता रहा है कि वो यूपी को किसी भी कीमत पर ढीला नहीं छोड़ना चाहते.

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शाम की वो तस्वीर और बदलती हवा
शाम होते-होते जब राहुल का दौरा खत्म होने को था, तब भी रायबरेली की सड़कों पर मजमा लगा हुआ था. चाय की टपरियों और नुक्कड़ों पर चर्चाओं का बाजार गर्म है. लोग कह रहे हैं कि 'भैया' अब सिर्फ रायबरेली के सांसद बनकर नहीं रहने वाले, बल्कि वो लखनऊ की गद्दी को चुनौती देने के लिए विपक्ष का सबसे मजबूत चेहरा बन चुके हैं.

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मंगलवार की इस 'आंखों देखी' का सबसे बड़ा निचोड़ यही रहा कि यूपी की सियासत की तपिश अब चरम पर पहुंचने वाली है, राहुल गांधी ने महंगाई के मुद्दे को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है और आज रायबरेली से इसकी पहली जोरदार हुंकार भर दी गई है. बुधवार राहुल गांधी रायबरली से अमेठी का रुख करने वाले हैं.

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