आगामी 23 जनवरी को अयोध्या में एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति का आगमन होने जा रहा है. इस समिति के सदस्यों में लोकसभा सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम भी शामिल है. राहुल गांधी के अयोध्या आगमन की खबर मिलते ही सियासी गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई थीं कि क्या वे प्रभु रामलला के दर्शन करेंगे. हालांकि, कांग्रेस पार्टी और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक उनके मंदिर जाने की कोई पुष्टि नहीं की गई है.
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी अयोध्या एक संसदीय समिति के सदस्य के तौर पर आ रहे हैं. पार्टी का रुख स्पष्ट है कि समिति की बैठक में शामिल होना एक संवैधानिक दायित्व है, जबकि मंदिर जाना एक 'निजी धार्मिक फैसला' होता है. फिलहाल कांग्रेस की ओर से उनके राम मंदिर जाने का कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी का अयोध्या में रामलला के दर्शन का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रशासन भले ही संसदीय समिति की तैयारी कर रहा हो, लेकिन राहुल गांधी के दर्शन को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई है.
शंकराचार्य और मंदिर की पूर्णता का तर्क
राहुल गांधी के अयोध्या दौरे और दर्शन को लेकर एक दिन पहले गोंडा में बाराबंकी के सांसद तरुण पूनिया का बड़ा बयान सामने आया. पूनिया ने कहा कि राहुल गांधी निश्चित रूप से अयोध्या आएंगे और रामलला का आशीर्वाद लेंगे, लेकिन ऐसा तब होगा जब मंदिर का निर्माण पूरी तरह संपन्न हो जाएगा. उन्होंने कहा कि जब शंकराचार्य मंदिर की पूर्णता का आधिकारिक ऐलान कर देंगे, तब राहुल गांधी दर्शन के लिए जरूर आएंगे.
प्रशासन की तैयारियां तेज
23 जनवरी को होने वाले इस दौरे को लेकर अयोध्या प्रशासन अलर्ट मोड पर है. संसदीय समिति के सदस्यों के आगमन, सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय बैठकों की तैयारियां पूरी की जा रही हैं. शासन के पास भी राहुल गांधी द्वारा दर्शन किए जाने से संबंधित कोई प्रोटोकॉल या जानकारी उपलब्ध नहीं है.
कुमार अभिषेक