चंदौली की अलीनगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी कर नकली नोट छापने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग और एक बालिग अभियुक्त शामिल है. इन लोगों ने अलीनगर थाना क्षेत्र में अपना ठिकाना बना रखा था.
पुलिस ने मौके से 100-100 रुपये के 55 तैयार जाली नोट और 452 अधछपे नोट बरामद किए हैं. पूछताछ में खुलासा हुआ कि नाबालिग आरोपियों ने इंटरनेट सर्च और वीडियो प्लेटफॉर्म की मदद से नोटों की छपाई की तकनीक सीखी और इस अवैध धंधे को शुरू कर दिया.
गूगल और यूट्यूब बने 'गुरु'
डिप्टी एसपी अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाली जानकारी दी है. आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने गूगल और यूट्यूब पर उपलब्ध ट्यूटोरियल देखकर नकली नोट छापना सीखा था. इसके बाद उन्होंने प्रिंटर, विशेष पेपर और इंक का इंतजाम कर छपाई शुरू कर दी. वे पिछले काफी समय से इस काम में लगे हुए थे. पुलिस ने इनके पास से नोट छापने के उपकरण और भारी मात्रा में कच्चे माल के साथ प्रिंटर भी जब्त किया है.
सप्लाई चेन की तलाश में पुलिस
पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि इन जाली नोटों को बाजार में कहां और किन माध्यमों से खपाया जा रहा था. पुलिस की टीम उन अन्य साथियों का भी पता लगा रही है जो इस सिंडिकेट का हिस्सा हो सकते हैं या जिन्हें अब तक नोटों की सप्लाई दी गई है. फिलहाल, सभी आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल और बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई है.
उदय गुप्ता