'अखिलेश भैया राजनीति करेंगे, मुझे क्रिकेट पसंद', जब सैफई के ग्राम प्रधान से बोले थे प्रतीक यादव

Prateek Yadav Death News: समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से उनके पैतृक गांव सैफई में सन्नाटा पसरा है. ग्राम प्रधान रामफल वाल्मीकि और परिवार के सदस्यों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रतीक के सौम्य स्वभाव और खेलों के प्रति उनके लगाव को याद किया है.

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प्रतीक यादव के निधन पर सैफई में शोक की लहर (Photo- ITG) प्रतीक यादव के निधन पर सैफई में शोक की लहर (Photo- ITG)

अमित तिवारी

  • इटावा ,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:03 PM IST

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ के अस्पताल में निधन हो गया. इस दुखद खबर के बाद इटावा स्थित उनके पैतृक गांव सैफई में शोक का माहौल है और सपा परिवार के आवास पर सन्नाटा पसरा हुआ है. ग्राम प्रधान रामफल वाल्मीकि ने बताया कि प्रतीक बचपन से ही खेल और जिम के शौकीन थे और उन्हें आखिरी बार अखिलेश यादव के भाई आर्यन की शादी में देखा गया था. प्रतीक के चाचा अभय राम यादव ने बीमारी के कारण हुई इस मौत की पुष्टि की. वर्तमान में सैफई परिवार के कई सदस्य लखनऊ पहुंच चुके हैं और ग्रामीण इस अपूरणीय क्षति से स्तब्ध हैं.

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सैफई में पसरा सन्नाटा, यादों में खोए ग्रामीण

प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलते ही सैफई स्थित उनके आवास पर सन्नाटा छा गया. मुलायम सिंह यादव के भाई अभय राम यादव के आवास पर कुछ करीबी लोग ही नजर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रतीक से उनकी मुलाकात अक्सर पारिवारिक कार्यक्रमों और शादियों में ही होती थी. सुबह मिली इस दुखद खबर के बाद परिवार के सभी सदस्य लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं.

'बड़े भाई राजनीति करेंगे, मैं क्रिकेट खेलूंगा'

ग्राम प्रधान रामफल वाल्मीकि ने भावुक होते हुए बताया कि प्रतीक बचपन से ही बेहद मिलनसार थे. उन्हें स्पोर्ट्स और जिम का बहुत शौक था. रामफल के अनुसार, प्रतीक अक्सर कहते थे कि "बड़े भाई अखिलेश यादव राजनीति की बागडोर संभालेंगे और मुझे क्रिकेट में रुचि है." उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरा गांव गहरे दुख में है.

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बकौल  रामफल वाल्मीकि- 'प्रतीक यादव जी, नेताजी मुलायम सिंह यादव के दूसरे पुत्र थे. अचानक उनका निधन हो गया है. ये खबर सुनकर हमें बहुत ही दुख है कि 2022 में नेताजी के न रहने पर माता-पिता और पुत्र तीनों ही चले गए. ये बहुत ही दुखदायी संकट का दौर है हम सबके लिए. नेताजी के न रहने पर प्रतीक जी, उनकी पत्नी, दोनों का ही आना-जाना बहुत कम था. लखनऊ में ज्यादा रहते थे. प्रतीक यादव जी बहुत ही मृदुभाषी, सज्जन स्वभाव के व्यक्ति थे. हम परमपिता परमेश्वर से कामना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति मिले.

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