'पोंगा पंडित' फिल्म भी बनी, अब 'घूसखोर पंडत' का विरोध... डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिया जवाब

फिल्म के टीजर में इस्तेमाल एक शब्द को लेकर उठे विवाद पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए. ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत होने की बात कहते हुए उन्होंने केंद्र से आपत्ति दर्ज कराने और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने की मांग की.

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले- अपमानजनक भाषा ठीक नहीं. (Photo: Screengrab) डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले- अपमानजनक भाषा ठीक नहीं. (Photo: Screengrab)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 07 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:52 PM IST

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 'घूसघोर पंडत' फिल्म के टीजर में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर उठे विवाद पर कहा कि किसी भी समाज या वर्ग के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस शब्द को लेकर आपत्ति जताई गई, वह ब्राह्मण समाज के प्रति विद्वेष पैदा करने वाला है और इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी. अब केंद्र स्तर पर इस पर संज्ञान लिया गया है और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसे लेकर आश्वासन भी मिला है.

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उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है. देश और समाज के प्रति समर्पित भाव से श्रेष्ठ काल से काम किया है. समाज ने कभी खुद सत्ता प्राप्ति के लिए काम नहीं किया है. ब्राह्मण समाज ने सबको साथ लेकर चलने का काम किया है. इस फिल्म में जो कहा गया है, वो बहुत ही दुखी करने का काम किया है.

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ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमने केंद्र सरकार से रोक लगाने की मांग की. मैं केंद्र सरकार का आभारी रहूंगा. केंद्र ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसा न हो, जो समाज में ऐसी भावना लाए. उत्तर प्रदेश में आपको इसकी प्रतिक्रिया ज्यादा देखने को मिली, क्योंकि यहां पर हमारी संख्या अधिक है. हम 14 प्रतिशत हैं और जागरूक हैं.

सवाल: इससे पहले कभी विरोध क्यों नहीं हुआ, 'पोंगा पंडित' फिल्म बनी, तब नहीं हुआ?

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Deputy CM: पहले की परिस्थितियां क्या रहीं होंगी, मुझे नहीं पता, पर सनातन का टारगेट करने का काम क्यों किया जाता है. किसी दूसरे धर्म के प्रति ऐसा कर सकते हैं? सनातन सबको साथ लेकर चलता है.

सवाल: उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण पॉलिटिक्स इन दिनों बहुत चर्चा में है. पहले ब्राह्मणों की बैठक हुई, फिर भोज हुआ. कहा जा रहा है कि सरकार अब ब्राह्मणों का विरोध नहीं झेल सकती.

Deputy CM: जब आप समाज में काम करते हैं तो ऐसी गतिविधियां होती रहती हैं.

सवाल: एक फिल्म को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर, उप मुख्यमंत्री के स्तर पर कार्रवाई करना क्या दर्शाता है?

Deputy CM: ये कोई राज्य का विषय नहीं था. पूरे देश में सभी वर्ग के लोगों को कष्ट पंहुचा था और ब्राह्मण समाज सबको साथ लेकर चलता रहा है.

सवाल: कहा जा रहा है कि ब्राह्मण समाज में नाराजगी थी, इसी बहाने उसको दूर करने का काम किया गया है?

Deputy CM: देखिये समय समय पर इस प्रकार की स्थितियां आती रहती हैं, पर हमारी सरकार किसी को भी ठेस पहुंचाने का काम नहीं करती है.

सवाल: डायरेक्टर और फिल्म के लोगों का कहना है, जो इसी समाज से आते हैं, कि फिल्म बिना देखे उसके खिलाफ आवाज उठाई जा रही है?

Deputy CM: नाम में ही सब कुछ है. आपने किसी का नाम गलत ढंग से उच्चारण किया है तो आपको गलत ही सुनाई देगा.

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सवाल: क्या पहले इस तरह की जागरूकता नहीं थी?

Deputy CM: पहले भी इस तरह की बात आती रही. पहले की सरकार ने इसके खिलाफ काम नहीं किया होगा, पर हमारी सरकार के साथ नहीं है. मामला अब खत्म है.

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