उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधोटांडा क्षेत्र के गांव बूंदीभूड़ में शराब की दुकान खोलने के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर हमला कर दिया. स्थानीय महिलाएं कई दिनों से गांव में मदिरा की दुकान के आवंटन का विरोध कर रही थीं. जिलाधिकारी के आदेश पर जब तहसीलदार, आबकारी विभाग और भारी पुलिस बल दुकान खुलवाने पहुंचे, तो महिलाओं ने उग्र होकर पथराव और लाठीचार्ज शुरू कर दिया. भीड़ ने सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और अधिकारियों को जान बचाकर भागना पड़ा. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे झड़प और हिंसक हो गई.
विरोध बना विद्रोह: महिलाओं ने बीच सड़क तोड़ीं बोतलें
गांव बूंदीभूड़ में काफी समय से शराब की दुकान को लेकर तनाव था. गुरुवार को जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, गांव की लड़कियां और महिलाएं हिंसक हो गईं. उन्होंने दुकान का गेट खोलकर अंदर रखी बीयर और शराब की पेटियां बाहर निकाल लीं. देखते ही देखते सैकड़ों बोतलें सड़क पर चकनाचूर कर दी गईं. आबकारी विभाग की टीम वीडियो बनाती रही, लेकिन भीड़ का गुस्सा कम नहीं हुआ. महिलाओं का साफ कहना था कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब की दुकान नहीं चलने देंगी.
तहसीलदार पर लाठियां और अधिकारियों की जान पर बन आई
जब कलीनगर तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने डंडा लेकर महिलाओं को रोकने का प्रयास किया, तो भीड़ उन पर टूट पड़ी. तहसीलदार को डंडों से पीटा गया, जिससे उनका हाथ घायल हो गया. उन्हें बचाने आए आबकारी इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों पर भी पथराव शुरू हो गया. मंजर इतना खौफनाक था कि अधिकारियों को अपनी गाड़ियों के हूटर बजाकर गांव से जान बचाकर भागना पड़ा. ग्रामीणों ने पुलिस की बसों और सरकारी बोलेरो के शीशे तोड़ दिए. आबकारी विभाग की दो गाड़ियां अब भी दबंग महिलाओं के कब्जे में हैं.
60 लोगों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज
इस भीषण हिंसा के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया. देर रात तक अधिकारी माधोटांडा थाने में डेरा डाले रहे. आबकारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार की तहरीर पर पुलिस ने 45 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. आरोपियों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है. पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके.
नेपाल बॉर्डर के पास गांव में तनावपूर्ण शांति
सीओ पूरनपुर डॉ. प्रतीक दहिया ने बताया कि गांव नेपाल बॉर्डर के पास स्थित है. प्रशासन ने महिलाओं को समझाने की काफी कोशिश की कि यह सरकार की नीति के तहत स्वीकृत दुकान है, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुईं. फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि दोबारा हिंसा न भड़क सके. आबकारी विभाग को अब भी अपनी गाड़ियों के वापस मिलने का इंतजार है. घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है.
सौरभ पांडे