नोएडा सेक्टर-150 में हुई इंजीनियर बेटे युवराज मेहता की मौत की याद में आयोजित शोक सभा के बाद पिता आज पहली बार कैमरे के सामने आए. उनकी आंखों में आंसू थे, लेकिन आवाज में इंसाफ की एक तड़प. उन्होंने न केवल मीडिया और सरकार का शुक्रिया अदा किया, बल्कि उस 2 घंटे की लापरवाही का काला चिट्ठा भी खोल दिया जिसने उनके बेटे को उनसे हमेशा के लिए छीन लिया.
एक टूट चुका पिता जब अपने साहसी बेटे की कहानी सुनाता है, तो पूरा देश सहम जाता है. युवराज के पिता ने बताया कि उनका बेटा कोई कायर नहीं था. जलजमाव वाले उस अंधेरे गड्ढे में गिरने के बाद भी युवराज ने मौत को 2 घंटे तक रोके रखा. वह संघर्ष करता रहा ताकि कोई आए और उसे बाहर निकाल ले.
मीडिया और यूपी सरकार को शुक्रिया कहा
उन्होंने मीडिया और यूपी सरकार को शुक्रिया कहा और कहा कि अपने बेटे की मृत्यु से मैं पूरी तरह टूट चुका था, हताश हो चुका था, लेकिन आप सभी लोगों ने मुझे पूरा सपोर्ट दिया और मेरे बेटे के जीवन के साथ हुए लापरवाही और खिलवाड़ को देश की जनता और सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया. मैं चाहता हूं कि किसी भी गुनहगार को छोड़ा न जाए. मेरा बेटा वापस नहीं आएगा, लेकिन मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि भविष्य में कोई दूसरा युवराज इस तरह की त्रासदी का शिकार न हो.
युवराज के पिता ने जांबाज युवक मुनींद्र का भी आभार व्यक्त किया, जिसने बिना अपनी परवाह किए गहरे नाले में छलांग लगा दी थी. अब सबकी नजरें SIT की उस रिपोर्ट पर हैं, जो यह तय करेगी कि युवराज के कातिल कौन हैं, वो गड्ढा, वो बिल्डर या वो लापरवाह प्रशासन?
युवराज की मौत पर रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर उठे गंभीर सवाल
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आई है. हाल ही में दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें रेस्क्यू ऑपरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं. बताया जा रहा है कि ये वीडियो उस समय के हैं, जब गाड़ी के साथ पानी में फंसे युवराज ने बात करना बंद कर दिया था.
घटना के समय की जानकारी
वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति का कहना है कि वह रात 12 बजे से घटना स्थल पर मौजूद था. उनके अनुसार, कार के पानी में गिरने की जानकारी रात लगभग 11:45 बजे मिली थी. वीडियो में फायर विभाग, पुलिस, एंबुलेंस और अन्य राहत संसाधनों की मौजूदगी दिखाई गई है और पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया गया है.
रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी पर सवाल
वीडियो में रेस्क्यू में हुई देरी और तैयारियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं. रेस्क्यू के दौरान ली गई नई तस्वीरें भी सामने आई हैं, जो घटना स्थल और राहत कार्य की स्थिति दिखाती हैं. दोनों वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन के रेस्क्यू की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
‘प्रशासन सिर्फ फॉर्मेलिटी पूरी कर रहा था’
वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति ने कहा, “यहां प्रशासन, पुलिस और एंबुलेंस मौजूद थे, लेकिन लड़का डूब चुका था. हमने उसे तड़पते हुए देखा और उसे बचाया नहीं जा सका. गाड़ी लगभग 11:45 बजे गिरी थी, मैं 12 बजे पहुंचा तो सिर्फ पुलिस की गाड़ी मौजूद थी. प्रशासन सिर्फ अपनी फॉर्मेलिटी पूरी कर रहा था. अब वह लड़का डूब चुका है.”
यह नया वीडियो मामले में रेस्क्यू कार्यप्रणाली की गंभीरता और घटनास्थल पर तुरंत कार्रवाई की कमी को उजागर करता है.
अरविंद ओझा / अरुण त्यागी