नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन पिछले पांच दिनों से जारी है. सोमवार को प्रोटेस्ट के नाम पर हुए तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. इसी बीच पुलिस को कर्मचारियों को भड़काने वालों के कई सबूत मिले हैं. जिसके ऑडियो भी सामने आए हैं. जिसमें सुना जा सकता है कि एक प्रदर्शनकारी कह रहा है कि भाई लाठी छोड़ो, सिर्फ मिर्च पाउडर लेकर चलो.
नोएडा पुलिस की जांच में कई नकाबपोश भी आए हैं. जिनके ट्रेंड युवाओं के हिंसा में शामिल होने के कई सबूत मिले हैं. कर्मचारियों की आड़ में नकाबपोश असामाजिक तत्वों पर नोएडा पुलिस जांच कर रही है. नोएडा पुलिस के हाथ कई वीडियो और CCTV भी लगे हैं. जिसमें नकाबपोश लोग नजर आ रहे हैं.
चेहरा ढक हिंसा फैला रहे आरोपियों की तलाश में छापेमारी
प्राइवेट कर्मचारियों की भीड़ में शामिल हुए नकाबपोशों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. जिसमें नकाबपोश युवक सड़कों पर हंगामा और आगजनी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. नोएडा पुलिस को कई व्हाट्सएप ग्रुप भी मिले हैं. जो हिंसा से 3 दिन पहले एक्टिव हुए थे.
इसके साथ-साथ एक ऑडियो क्लिप पुलिस को मिला है. जिसकी जांच की जा रही है. ऑडियो में एक शख्स भीड़ को एकत्रित होने को बोल रहा है. साथ ही लाठीचार्ज के बाद इकट्ठा होने की अपील का भी एक ऑडियो वायरल हो रहा है.
पुलिस को एक इंस्टाग्राम की चैट भी मिली है. चैट में सभी लोगों से मिर्ची पाउडर लाने की बात की जा रही है. आपको बता दें कि नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों के बाद अब मेड्स और अन्य हाउस हेल्पर का भी प्रदर्शन शुरू हो गया है. नोएडा में कई सोसाइटी के बाहर मेडस् और अन्य हाउस हेल्पर की तरफ से मंगलवार को पत्थरबाजी की भी घटना सामने आई है. हालांकि, पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और हर स्थिति से निपट रही है.
अब तक 300 से ज्यादा हिरासत में
नोएडा पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन के मामले में अब तक 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है और सात एफआईआर दर्ज की गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने भीड़ को भड़काने या हिंसा फैलाने में भूमिका निभाई, उनकी पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने यह भी साफ किया कि आगे और गिरफ्तारियां होंगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
इस मामले में फंडिंग की भी जांच हो रही है. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इस पूरे आंदोलन को कहीं से आर्थिक मदद मिल रही थी. लक्ष्मी सिंह के मुताबिक, अगर जांच में यह सामने आता है कि आरोपियों को राज्य के बाहर या देश के बाहर से फंडिंग मिली है, तो उस आधार पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अरविंद ओझा