...तो हर महीने 40 हजार रुपये कमा लेंगी नोएडा की मेड्स! सैलरी बढ़ाने की मांग पर अड़ी

नोएडा में घरेलू कामगार महिलाओं का असंतोष बढ़ता जा रहा है. वे कम वेतन के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं, क्योंकि उन्हें एक घर से केवल 2500–3000 रुपये मिलते हैं. महंगाई के दौर में इतनी आय से गुजारा मुश्किल है. कई घरों में काम करने के बावजूद उनकी जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं, जिससे उनका विरोध तेज हो रहा है.

Advertisement
नोएडा में दूसरे दिन भी जारी है मेड्स का प्रदर्शन. (Photo: Screengrab) नोएडा में दूसरे दिन भी जारी है मेड्स का प्रदर्शन. (Photo: Screengrab)

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 15 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

नोएडा में इन दिनों श्रमिक असंतोष लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. पहले जहां फैक्ट्री वर्कर्स अपने अधिकारों और बेहतर सैलरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं अब घरेलू कामगार महिलाएं भी इस विरोध में शामिल हो गई हैं. ताजा मामला सेक्टर 136 स्थित एक रिहायशी सोसाइटी के बाहर सामने आया, जहां हाउस हेल्प और मेड के तौर पर काम करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया.

Advertisement

अभी मेड्स को मिलते हैं 2500 से 3000 रुपये 
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि उन्हें एक घर से मात्र 2500 से 3000 रुपये तक की तनख्वाह मिलती है, जो आज की महंगाई में बेहद कम है. उनका आरोप है कि बढ़ती कीमतों के बीच इतनी कम आय में घर चलाना मुश्किल हो गया है. महिलाओं ने बताया कि उन्हें कई-कई घरों में काम करना पड़ता है, तब जाकर वे अपने परिवार का खर्च किसी तरह पूरा कर पाती हैं. इसके बावजूद बचत करना तो दूर, रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है.

इसी समस्या को लेकर महिलाओं ने काम बंद कर विरोध जताया. उन्होंने मांग की कि उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाए और काम के घंटे व शर्तें स्पष्ट रूप से तय की जाएं. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं सोसाइटी के बाहर इकट्ठा हो गईं, जिससे कुछ समय के लिए वहां हलचल की स्थिति बन गई.

Advertisement

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. पुलिस ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को समझाकर शांत किया और भीड़ को धीरे-धीरे हटाया. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके.

फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन यह घटना इस बात का संकेत देती है कि यदि श्रमिकों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में ऐसे विरोध और तेज हो सकते हैं. प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें. 

मेड्स की डिमांड पर खड़े हुए कई सवाल
मेड्स की डिमांड पर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं. क्योंकि जिस तरह मेड्स कह रही हैं कि वो कई घरों में जाकर खाना बनाती हैं तब जाकर परिवार चलाने के लिए पैसा मिलता है. ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि अगर मेड्स दिन भर में 7 घरों में खाना बनाएं और उनकी मांग के हिसाब से उन्हें 5-6 हजार रुपये कम से कम भी दिया जाए तो वो 40 हजार रुपये तक महीना कमा लेंगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement