यूपी के मुजफ्फरनगर में मंगलवार सुबह 30 वर्षीय इरशाद, उसकी पत्नी नौरिन और दो मासूम बच्चों के शव बंद कमरे में मिले. इरशाद ने ईद पर अपनी विवाहित बहन को 1500 रुपये की ईदी दी थी, जिससे नाराज होकर पत्नी नौरिन का उससे विवाद हो गया. सोमवार को नौरिन के मायके वालों के दखल के बाद झगड़ा और बढ़ गया. देर रात इरशाद ने पहले पत्नी और बच्चों को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ दिया और फिर खुद फांसी लगा ली. सुबह कमरा न खुलने पर भाई ने दरवाजा तोड़ा, तब इस दर्दनाक सामूहिक आत्महत्या का खुलासा हुआ.
महज 1500 रुपये की ईदी बनी काल
सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित सरवट मोहल्ला निवासी इरशाद ने अपनी बहन को त्योहार पर गिफ्ट में 1500 रुपये दिए थे. इसी बात को लेकर 25 वर्षीय पत्नी नौरिन के साथ उसका काफी विवाद हुआ.
बताया जा रहा है कि सोमवार को नौरिन की मां और बहनों ने आकर घर में काफी हंगामा और झगड़ा भी किया था. परिजनों के बीच उपजा यह तनाव देर रात तक जारी रहा. किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह मामूली पारिवारिक कलह इतनी बड़ी त्रासदी का रूप ले लेगी और पूरा परिवार खत्म हो जाएगा.
मासूम बच्चों को भी दी मौत की नींद
सुबह जब इरशाद के भाई इनाम ने दरवाजा तोड़ा तो नजारा दहला देने वाला था. इरशाद फंदे पर लटका मिला, जबकि नौरिन, 2 साल का बेटा आहिल और महज एक महीने की बेटी अक्सा जमीन पर मृत पड़े थे.
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने चप्पे-चप्पे की जांच की है. प्रथमदृष्टया मामला यही लग रहा है कि बच्चों और पत्नी को जहर देकर इरशाद ने खुदकुशी की है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी.
संदीप सैनी