मुरादाबाद जिले के थाना छजलैट क्षेत्र अंतर्गत रमपुरा गांव में करीब 88 वर्षीय रिटायर्ड डीएसपी ने अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है. एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक बुजुर्ग अधिकारी अकेले रहते थे और पत्नी की मृत्यु के बाद से काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे.
लाइसेंसी राइफल से खुद को मारी गोली, इलाके में हड़कंप
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे रमपुरा गांव और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. रिटायर्ड पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ने मानसिक तनाव के चलते घर में रखी अपनी लाइसेंसी राइफल उठाई और खुद को गोली मार ली. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वारदात में इस्तेमाल की गई राइफल को अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के सभी संबंधित पहलुओं की बहुत गहराई से जांच की जा रही है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि और डिप्रेशन मुख्य वजह
बुजुर्ग पूर्व अधिकारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पूरी तरह पुष्टि हुई है कि गोली बेहद नजदीक से चलाई गई थी. करीब से गोली लगने की वजह से उनके सिर और चेहरे का हिस्सा गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. अत्यधिक मात्रा में खून बहने और सिर में गंभीर चोट आने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी. हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन परिजनों के बयानों और परिस्थितियों के आधार पर डिप्रेशन को मुख्य वजह माना जा रहा है.
पत्नी की मौत के बाद अकेलेपन से टूटे
इस दुखद मामले पर जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश सिंह ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार वह घर पर पूरी तरह अकेले रह रहे थे. उनकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था, जिसके बाद से वह मानसिक रूप से काफी टूट चुके थे और परेशान रहने लगे थे. पुलिस ने प्राथमिक तौर पर इसे अकेलेपन से उपजी आत्महत्या का मामला माना है. शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अब आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है.
जगत गौतम