यूपी के मुरादाबाद में अपनी सगी बहन की चाकू से 40 से ज्यादा वार कर हत्या करने वाला इंजीनियर हार्दिक इन दिनों जेल में बेचैन है. जेल सूत्रों के मुताबिक, वह रात में सो नहीं पा रहा है और कई बार बहकी-बहकी बातें करता है. हार्दिक को बार-बार अपनी मां की याद आ रही है और वह जेल अधिकारियों से पूछ रहा है कि घर कब जा पाएगा.
बताया जा रहा है कि हार्दिक को सबसे ज्यादा चिंता अपनी मां की है. वह जेल अफसरों से कहता है कि अब उसकी मां की देखभाल कौन करेगा और उन्हें कौन संभालेगा. वहीं दूसरी तरफ साथी कैदियों से वह यह भी कह रहा है कि उसे पहले से डर था कि कहीं उसकी मां अकेली न रह जाएं, इसलिए वह उन्हें भी मार देना चाहता था.
हार्दिक की मानसिक हालत को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे क्वारंटाइन बैरक में रखा है. डॉक्टर भी लगातार उसके व्यवहार और हाव-भाव पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं, घायल मां को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है.
दरअसल, 6 मार्च को 25 वर्षीय हार्दिक ने अपने ही घर में हैवानियत की हद पार करते हुए अपनी जुड़वा बहन हिमशिखा की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी थी. उसने किडनी, लीवर और हार्ट समेत शरीर के कई हिस्सों पर 40 से ज्यादा वार किए, जिससे हिमशिखा की मौके पर ही मौत हो गई.
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इसके बाद हार्दिक अपनी मां नीलिमा को उनके दफ्तर से घर लेकर आया और उन पर भी चाकू से हमला कर दिया. मां पर उसने करीब छह वार किए, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं.
वारदात के बाद आरोपी कार लेकर फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही उसे मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया. हमले में घायल मां नीलिमा चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहीं. बीते सोमवार को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. फिलहाल वह अपने भाई के घर बदायूं में रह रही हैं.
जगत गौतम