मेरठ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और यूट्यूब अकाउंट बेचने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को थाना भावनपुर पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया है.
पुलिस के अनुसार 25 फरवरी 2026 को थाना भावनपुर पुलिस और जनपदीय साइबर सेल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. यह कार्रवाई 14C इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के तहत संचालित प्रतिबिंब पोर्टल पर दर्ज लंबित साइबर फ्रॉड और धोखाधड़ी की शिकायतों के निरीक्षण के दौरान की गई.
मोबाइल नंबर और IMEI ट्रेसिंग से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पोर्टल पर दर्ज मामलों में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर और IMEI नंबरों की ट्रेसिंग की गई. तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि संबंधित मोबाइल नंबर थाना भावनपुर क्षेत्र में सक्रिय हैं. इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान रिषभ खारी पुत्र रोहित खारी निवासी ग्राम स्याल थाना भावनपुर जनपद मेरठ के रूप में हुई है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उसे सोशल मीडिया अकाउंट बेचने के नाम पर ठगी करने का विचार आया था. वह इंस्टाग्राम आईडी और यूट्यूब चैनल बेचने का स्टेटस लगाता था.
जो लोग उससे संपर्क करते थे, उन्हें वह अलग-अलग रेट बताता था और अपने क्यूआर कोड पर भुगतान कराता था. जैसे ही भुगतान मिलता, वह संबंधित व्यक्ति का नंबर ब्लॉक कर देता था. कई मामलों में वह अपना नाम बदलकर राम बुंदेला या विक्रांत सिंह बताता था.
स्टेटस लगाकर फंसाता था ग्राहक, क्यूआर कोड से लेता था भुगतान
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे Pinterest वेबसाइट से राम बुंदेला नाम के शख्स का आधार और पैन कार्ड मिला था. उसने उसे डाउनलोड कर फर्जी पहचान के रूप में इस्तेमाल किया. इसी फर्जी पहचान के जरिए वह लोगों का भरोसा जीतकर ठगी करता था.
पुलिस के अनुसार आरोपी करीब एक वर्ष से इस तरह की ठगी कर रहा था. अब तक वह लगभग 25 से 30 लोगों से तीन से चार लाख रुपये की ठगी कर चुका है. ठगी की रकम वह अपने एयरटेल पेमेंट बैंक खाते में मंगाता था.
25 से 30 लोगों से तीन से चार लाख रुपये की ठगी
एसपी क्राइम मेरठ अविनाश कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. साइबर सेल की टीम अब अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है ताकि उनसे संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
उस्मान चौधरी