मथुरा: 'फरसा वाले बाबा' की मौत मामले में बड़ा एक्शन, 300 लोगों पर FIR, 20 को भेजा गया जेल

मथुरा में 'फरसा वाले बाबा' चंद्रशेखर दास की मौत के बाद बवाल हो गया. हाईवे जाम और हिंसा के मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 250-300 अज्ञात पर केस दर्ज हुआ है. प्रदर्शन के दौरान पथराव में 23 पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा. पुलिस ने आरोपियों से डंडे, ईंट-पत्थर और कारतूस बरामद किए. ट्रक चालक पर भी केस दर्ज हुआ है.

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इस घटना में 23 पुलिसकर्मी घायल हो गए. Photo ITG इस घटना में 23 पुलिसकर्मी घायल हो गए. Photo ITG

मदन गोपाल शर्मा

  • मथुरा,
  • 22 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:27 PM IST

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में 'फरसा वाले बाबा' के नाम से पहचाने जाने वाले चंद्रशेखर दास की मौत के बाद हालात बिगड़ गए. पुलिस के अनुसार, दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे को जाम करने और हिंसा करने के आरोप में 20 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इस मामले में कुल ढाई सौ से 300 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें 22 नामजद हैं.

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बताया गया कि 57 साल के चंद्रशेखर दास की शनिवार सुबह कोसीकलां इलाके के पास एक हादसे में मौत हो गई थी. इस घटना के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग हाईवे पर इकट्ठा हो गए. इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी अपने तीन दिन के उत्तर प्रदेश दौरे पर गोवर्धन में मौजूद थीं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई.

23 पुलिसकर्मी घायल
पुलिस के मुताबिक, हजारों की संख्या में समर्थकों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. जब पुलिस ने सड़क खाली कराने की कोशिश की तो प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान 23 पुलिसकर्मी घायल हो गए. साथ ही पुलिस चौकी और कई सरकारी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया.

डंडे, ईंट-पत्थर और खोखा-कारतूस बरामद
कोसीकलां थाने में इस मामले में दक्ष चौधरी और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, गाजियाबाद निवासी दक्ष चौधरी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ तोड़फोड़, लूट और वाहनों पर हमले के आरोप हैं. उसके पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध डंडे, ईंट-पत्थर और खोखा कारतूस भी बरामद किए हैं, जो घटना में इस्तेमाल किए गए थे. आरोपियों के खिलाफ फायरिंग, हमला, सरकारी काम में बाधा डालना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं. इस मामले में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जा रही है.

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पुलिस ने उस ट्रक चालक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, जिसकी गाड़ी से टक्कर लगने से चंद्रशेखर की मौत हुई थी. अधिकारियों का कहना है कि यह एक हादसा था, जो कम दृश्यता के कारण हुआ. हालांकि, चंद्रशेखर के समर्थक इस दावे से सहमत नहीं हैं और इसे पशु तस्करों की साजिश बता रहे हैं.

सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस श्लोक कुमार ने बताया कि शनिवार को पकड़े गए लोगों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें रविवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. गिरफ्तार लोगों में चंद्रशेखर के करीबी सहयोगी भी शामिल हैं, जिनमें भूरा और दक्ष चौधरी के साथी शामिल हैं.

प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि समर्थकों की मांग पर शनिवार को ही बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कराया गया, जिसमें अधिकारी भी मौजूद रहे.

जिला अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर की याद में आजनौंख गांव की गौशाला में एक स्मारक बनाया जाएगा. साथ ही वहां सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि गौशाला में मौजूद करीब 400 गायों की देखभाल की जिम्मेदारी फिलहाल प्रशासन संभालेगा और इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं

इनपुट- पीटीआई सहित

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